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अदन की खाड़ी में हमले का भारतीय नौसेना ने दिया जवाब (फाइल)
– फोटो : ani
विस्तार
भारतीय नौसेना ने बताया है कि लाइबेरिया का एक व्यापारिक जहाज अदन की खाड़ी में ड्रोन हमले की चपेट में आ गया। नौसेना के मुताबिक इस जहाज पर हमले के बाद नौसेना ने त्वरित प्रतिक्रिया दी। बता दें कि हूती विद्रोही बीते चार महीने में कई व्यापारिक जहाजों को निशाना बना चुके हैं। बता दें कि वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों के कारण वैश्विक चिंता बढ़ रही है। इसी बीच सोमवार को लाइबेरियन जहाज को निशाना बनाने की घटना सामने आई है। भारत ने इससे पहले भी कई हमलों का माकूल जवाब दिया है। नौसेना के कई जहाज इस क्षेत्र में तैनात हैं।
अदन से लगभग 90 समुद्री मील दक्षिण पूर्व में हुई घटना
गौरतलब है कि लाल सागर में हूती विद्रोही अलग-अलग व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं। पिछले कुछ हफ्ते में, भारतीय नौसेना ने पश्चिमी हिंद महासागर में हमले का शिकार हुए व्यापारिक जहाजों को सहायता प्रदान की है। मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान के मुताबिक नौसेना ने अदन की खाड़ी में एक समुद्री घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। नौसेना ने बताया कि सोमवार को अदन से लगभग 90 समुद्री मील दक्षिण पूर्व में लाइबेरिया के झंडे वाले जहाज ने सोमवार को ‘ड्रोन/मिसाइल हमले’ के कारण आग लगने की सूचना दी।
आईएनएस कोलकाता के 12 कर्मियों की टीम ने मदद की
नौसेना ने बताया कि आईएनएस कोलकाता को समुद्री सुरक्षा अभियानों के लिए इसी समुद्री क्षेत्र में तैनात किया गया है। आपात स्थिति की सूचना मिलने पर नौसेना ने तत्काल कार्रवाई की। सोमवार रात साढ़े 10 बजे (2230) तक नौसेना घटनास्थल पर पहुंच गई। नौसेना ने कहा कि आईएनएस कोलकाता के 12 कर्मियों की एक विशेष अग्निशमन टीम आग बुझाने में मदद करने के लिए 5 मार्च की सुबह लाइबेरियन जहाज पर चढ़ी। विशेषज्ञ ईओडी (विस्फोटक आयुध निपटान) टीम भी जहाज पर चढ़ी। नौसेना के मुताबिर अवशिष्ट जोखिम मूल्यांकन (Residual Risk Assessment) में लाइबेकियन व्यापारिक जहाज की हरसंभव सहायता की गई।
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