[ad_1]
Israel Hamas War News: इजरायल की सेना ने सोमवार को आरोप लगाया कि गाजा में संयुक्त राष्ट्र सहायता एजेंसी UNRWA के सैंकड़ों कर्मचारी हमास और दूसरे आतंकी ग्रुप्स में शामिल हैं. इजरायल ने इस खुफिया जानकारी को संयुक्त राष्ट्र के साथ साझा किया है.
रॉयटर्स के मुताबिक इससे पहले इजरायल ने UNRWA पर यह आरोप लगाया था कि उसके कई कर्मचारी हमास के मेंबर हैं. कुछ कर्मचारियों ने हमास के 7 अक्टूबर के हमले में भी भाग लिया था. इस आरोप के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य देशों ने UNRWA के लिए फंडिंग रोक दी है.
सैन्य प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने कहा, ‘450 से अधिक यूएनआरडब्ल्यूए कर्मचारी गाजा में आतंकवादी समूहों में मिलिट्री ऑपरेटिव हैं. यह महज संयोग नहीं है. यह व्यवस्थित है. उन्होंने कहा, ‘जो जानकारी मैं अभी साझा कर रहा हूं, हमने उसे और साथ ही आगे की खुफिया जानकारी संयुक्त राष्ट्र समेत अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को भेज दी है.’
रॉयटर्स के मुताबिक UNRWA ने जवाब में कहा कि वह उन सभी सूचनाओं का स्वागत करता है जिन्हें वर्तमान में चल रही स्वतंत्र यूएन जांच में शामिल किया जा सकता है.
UNRWA के संचार प्रमुख जूलियट टौमा ने कहा, ‘यूएनआरडब्ल्यूए किसी भी संस्था को प्रोत्साहित करता है जिसके पास यूएनआरडब्ल्यूए कर्मचारियों के खिलाफ बहुत गंभीर आरोपों के बारे में कोई जानकारी हो, वह इसे संयुक्त राष्ट्र में चल रही जांच के साथ साझा कर सकता है.’
फिलिस्तीनी नेताओं ने इज़राइल पर UNRWA पर राजनीतिक हमले का आरोप लगाया और इसकी फंडिंग बहाल करने की अपील की.
बता दें UNRWA गाजा में 13,000 लोगों को रोजगार देता है और गाजा के 2.3 मिलियन फिलिस्तीनियों में से आधे से अधिक को दिन-प्रतिदिन मदद प्रदान करता है. फंडिंग रोके जाने से लगभग पांच महीने के युद्ध के दौरान पहले से ही गंभीर रूप से दवाब झेल रही एजेंसी पर तनाव नाटकीय रूप से और भी बदतर हो गया है.
इजरायल का कहना है कि वह तब तक अपने हमले जारी रखेगा जब तक कि वह हमास को खत्म नहीं कर देता है और गाजा में अभी भी मौजूद 100 से अधिक इजरायली बंधकों को छुड़ा नहीं लेता है.
इजरायली आंकड़ों के अनुसार, 7 अक्टूबर को हमास के हमले में 1,200 लोग मारे गए, जिनमें अधिकतर नागरिक थे और इसमें 253 लोगों को बंधक भी बना लिया गया.. गाजा स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इजरायल के सैन्य अभियान में अब तक 30,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं.
.
[ad_2]
Source link