[ad_1]

8th Pay Commission
– फोटो : Amar Ujala/ Sonu Kumar
विस्तार
केंद्र सरकार ने अपने कर्मियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते व महंगाई राहत में चार फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। अब डीए/डीआर की दर 50 फीसदी पर पहुंच गई है। नियम यह है कि डीए की दर पचास फीसदी के पार होते ही कर्मियों के वेतनमान और भत्तों में बदलाव होता है। कर्मियों को अब आठवें वेतन आयोग के गठन का इंतजार है। कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लाइज एंड वर्कर्स के महासचिव एसबी यादव ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख कर आग्रह किया था कि मौजूदा परिस्थितियों में बिना किसी विलंब के आठवें वेतन आयोग का गठन किया जाए। इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर एसोसिएशन ‘आईआरटीएसए’ ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से आग्रह किया है कि अब केंद्र सरकार को बिना किसी देरी के आठवें वेतन आयोग का गठन करना चाहिए।
सरकार नहीं कर रही विचार
संसद के पिछले सत्र के दौरान सरकार ने आठवें वेतन आयोग के गठन को लेकर दो टूक जवाब दे दिया था। छह फरवरी को राज्यसभा में सांसद राम नाथ ठाकुर ने आठवें वेतन आयोग के गठन को लेकर सवाल पूछा था। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इस सवाल के जवाब में कहा, सरकार के पास इस प्रकार का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। हालांकि उन्होंने वेतन आयोग के गठन को लेकर पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था और तीस वर्ष से महंगाई का सामना, यह तर्क भी दिया है। राम नाथ ठाकुर ने पूछा था, सरकार द्वारा सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के पैरा 1.22 पर विचार न करने और उसे अनुमोदित न किए जाने के फाइलों में दर्ज कारण क्या हैं। क्या इस तथ्य के कारण कि सरकार वेतन आयोग संबंधी खर्च वहन करने की स्थिति में नहीं है, क्या इसलिए आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और ऐसी स्थिति के क्या कारण हैं। यदि नहीं, तो पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था द्वारा आठवें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन न किए जाने और विगत तीस वर्षों से अभूतपूर्व मुद्रास्फीति का सामना कर रहे केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के वेतन में संशोधन न किए जाने के क्या कारण हैं।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने दिया यह जवाब
सातवें वेतन आयोग के आधार पर वेतन और भत्तों में संशोधन को अनुमोदन देते समय केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस मामले पर विचार नहीं किया है। चौधरी ने कहा, सरकार के पास इस प्रकार का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ‘भारत पेंशनर समाज’ (बीपीएस) ने भी 8वें वेतन आयोग के गठन की मांग उठाई थी। बीपीएस के महासचिव एससी महेश्वरी ने कहा था, 68वीं एजीएम के दौरान यह प्रस्ताव पास किया गया है कि अविलंब आठवें वेतन आयोग का गठन किया जाए। देश में आठवें वेतन आयोग के गठन को लेकर कर्मियों की तरफ से केंद्र सरकार के पास कई तरह के सुझाव आ रहे हैं। इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर एसोसिएशन ‘आईआरटीएसए’ ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पूर्व वेतन आयोगों द्वारा की गई सिफारिशों का हवाला देते हुए अविलंब आठवां वेतन आयोग गठित करने की मांग की है। तीसरे, चौथे और पांचवें सेंट्रल पे कमीशन ‘सीपीसी’ ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और सेवा शर्तों की समय-समय पर समीक्षा करने के लिए स्थायी मशीनरी गठित करने की सिफारिश की है। केंद्र सरकार को सीपीसी गठित करने के लिए दस वर्ष का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है।
[ad_2]
Source link