Home Breaking News Mahashivratri: 24 घंटे दर्शन देंगे बाबा ओंकार, तीन बजे से लगी कतारें, श्रद्धालुओं के लिए दो घंटे खुला गर्भगृह

Mahashivratri: 24 घंटे दर्शन देंगे बाबा ओंकार, तीन बजे से लगी कतारें, श्रद्धालुओं के लिए दो घंटे खुला गर्भगृह

0
Mahashivratri: 24 घंटे दर्शन देंगे बाबा ओंकार, तीन बजे से लगी कतारें, श्रद्धालुओं के लिए दो घंटे खुला गर्भगृह

[ad_1]

Khandwa Mahashivratri 2024: मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में महाशिवरात्रि पर सुबह 3 बजे से ही शिव भक्तों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। मां नर्मदा के घाटों पर श्रद्धालु स्नान कर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, यहां श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। इससे पहले तड़के 3 बजे मंदिर के पट खोले गए और प्रातः कालीन आरती की गई। हालांकि, भक्तों के लिए गर्भ गृह के पट 4 बजे खोले गए। सुबह 6 बजे तक भक्तों ने गर्भ गृह से बाबा ओंकार के दर्शन किए। इसके बाद भीड़ बढ़ने के कारण दर्शन की व्यवस्था गर्भ गृह के बाहर से कर दी गई। बता दें कि महाशिवरात्रि पर भगवान ओंमकार का फूल और बेलपत्र से आकर्षक श्रंगार किया गया और मंदिर परिसर को भी आकर्षक फूलों से सजाया गया है। 




24 घंटे होंगे बाबा के दर्शन

भक्तों की भीड़ के कारण सुबह 6 बजे के बाद बाबा ओंकार के दर्शन गर्भ गृह से बंद कर दिए गए। मंदिर परिसर के मुख्य द्वार पर नंदीहाल के पास श्रद्धालुओं से पूजन सामग्री और जल एकत्र करवाया जा रहा है, जिससे बाबा ओंकार का जलाभिषेक हो रहा है। महाशिवरात्रि के कारण दर्शन की यह व्यवस्था 24 घंटे के लिए की गई है। शनिवार सुबह 3 बजे तक बाबा इसी तरह से भक्तों को दर्शन देंगे। इस दौरान करीब 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं बाबाद ओंकारेश्वर के दर्शन करेंगे। 


सुरक्षा के कड़े इंतजाम

ओंकारेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था की है। मंदिर परिसर के अलग-अलग पॉइंट पर पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। नर्मदा के घाटों पर होमगार्ड के साथ गोताखोरों की टीमें तैनात की गईं हैं।


खास हैं यहां की शयन आरती

बारह ज्योतिर्लिंगों में से ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का चतुर्थ स्थान है। यह एकमात्र ऐसा ज्योतिर्लिंग है जो किसी पवित्र नदी के तट पर स्थित है। ॐ आकार के पर्वत पर विराजमान होने के कारण ही यहां प्रकट हुए ज्योतिर्लिंग का नाम ओंकारेश्वर है। सनातन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव अखिल ब्रह्मांड में विचरण करते हैं, लेकिन वे शयन के लिए माता पार्वती के साथ ओंकार पर्वत पर ही विराजते हैं। इसी कारण यहां की शयन आरती प्रसिद्ध है, जिसमें भगवान के लिए चौपड़ सजाया जाता है।


[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here