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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल (फाइल फोटो)
– फोटो : ANI
विस्तार
विदेश मंत्री के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि कई भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में काम करने के लिए धोखा दिया गया है। हमने ऐसे भारतीय नागरिकों की शीघ्र रिहाई के लिए मामले को रूस के सामने दृढ़ता से उठाया है। रणधीर जयसवाल ने कहा कि झूठा वादा कर भर्ती करने वाले एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। हम रूसी सेना में सहायक स्टाफ के रूप में काम कर रहे अपने नागरिकों की शीघ्र रिहाई और उनके घर लौटने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि लगभग 20 लोगों ने हमसे संपर्क किया है और हम उनका पता लगाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हम रूसी अधिकारियों के संपर्क में हैं।
#WATCH | MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, “Around 20 people have contacted us & we are doing our best to locate them. We are in touch with the Russian authorities…” pic.twitter.com/ydoXJWj1st
— ANI (@ANI) March 8, 2024
काबुल के दौरे पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल-रणधीर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि हमारे पास विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान के संयुक्त सचिव के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल है, जो अभी अफगानिस्तान के दौरे पर है। जैसा कि आप जानते हैं भारत ने जून में काबुल में अपना तकनीकी मिशन खोला था। यात्रा के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने अफगान अधिकारियों के वरिष्ठ सदस्यों के साथ बैठकें कीं। प्रतिनिधिमंडल ने अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अफगानिस्तान के लोगों को भारत की मानवीय सहायता पर चर्चा की और अफगान व्यापारियों द्वारा चाबहार बंदरगाह के इस्तेमाल पर भी चर्चा की। भारत के अफगान लोगों के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं।
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