Home Breaking News Bihar: चिराग पासवान और चाचा पारस के बीच बिगड़ी बात सुलझाएगी भाजपा; तेजस्वी को इन सीटों पर मिलेगी तगड़ी चुनौती

Bihar: चिराग पासवान और चाचा पारस के बीच बिगड़ी बात सुलझाएगी भाजपा; तेजस्वी को इन सीटों पर मिलेगी तगड़ी चुनौती

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Bihar: चिराग पासवान और चाचा पारस के बीच बिगड़ी बात सुलझाएगी भाजपा; तेजस्वी को इन सीटों पर मिलेगी तगड़ी चुनौती

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BJP will resolve the issue between Chirag Paswan Pashupati Paras Tejashwi Yadav will face tough challenge

Lok Sabha Election 2024
– फोटो : Amar Ujala

विस्तार


एनडीए ने बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटों पर सहयोगी दलों के बीच प्राथमिक स्तर पर सहमति बना ली है। नीतीश कुमार के विदेश दौरे से लौटने के बाद इस मुद्दे पर दूसरे दौर की निर्णायक बैठक हो सकती है। इसके बाद 14-15 मार्च को सीटों का एलान किया जा सकता है। एनडीए ने इस बार भी बिहार की सभी 40 सीटों पर जीत हासिल करने का लक्ष्य रखा है।   

सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार को इस बार गठबंधन में अधिकतम 12-13 सीटें ही दी जा सकती हैं। गठबंधन में नए सहयोगियों के कारण जदयू की सीटों में तीन से चार सीटों की कमी की जा सकती है। जीतनराम मांझी को एक सीट और उपेंद्र कुशवाहा को भी केवल एक-एक सीट पर संतोष करना पड़ सकता है।  

एनडीए गठबंधन में सबसे बड़ा पेंच लोक जनशक्ति पार्टी को लेकर फंसा हुआ बताया जा रहा है, लेकिन भाजपा सूत्रों का दावा है कि चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच तालमेल को ठीक कर लिया गया है। इस बार चिराग पासवान और पशुपति कुमार पारस खेमे को दो-दो लोकसभा सीटें दी जा सकती हैं। 

बिहार कोर कमेटी की बैठक में सभी परिस्थितियों पर विचार 

भाजपा की बिहार इकाई ने केंद्रीय नेताओं के साथ शनिवार देर रात को कोर कमेटी की बैठक की है। बैठक में बिहार भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा शामिल थे। बैठक में पिछली बार पार्टी को मिली सभी 17 सीटों पर संभावित उम्मीदवारों को लेकर बातचीत हुई है। 

गठबंधन के अन्य सहयोगियों को देखते हुए नई परिस्थितियों पर विचार करते हुए सभी सीटों पर जिताऊ उम्मीदवारों के उतारने पर भी चर्चा हुई है। यानी विपक्षी दलों की सीटों पर भी भाजपा हाईकमान पूरी तरह नजर गड़ाए हुए है और किसी भी सीट पर कमजोर उम्मीदवार नहीं उतारने दिया जाएगा।     

कांटे की टक्कर 

राजनीतिक विश्लेषक धीरेंद्र कुमार ने अमर उजाला से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का लाभ इस बार भाजपा के साथ-साथ उसके सहयोगी दलों को मिलेगा। इस कारण एनडीए इस बार भी बिहार में लीड ले सकता है। न्यूनतम स्थिति में भी भाजपा गठबंधन को बिहार में लगभग तीस सीटों पर बढ़त मिल सकती है। हालांकि, जिस तरह तेजस्वी के पक्ष में सत्ता विरोधी मतों का ध्रुवीकरण हुआ है, उससे सत्ता पक्ष की चुनौती कठिन हुई है। एनडीए खेमे को कम से कम दस सीटों पर कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।  




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