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नई दिल्ली. खेल अब पेशेवर हो चुके हैं. इस बदलाव ने युवाओं को क्रिकेट सहित अन्य खेलों में करियर बनाने का विकल्प तो दिया ही है, पूर्व खिलाड़ियों को भी इसका फायदा मिला है. संन्यास ले चुके कई पूर्व क्रिकेटर आज कोच की जिम्मेदारी निभाकर अपने ‘नॉलेज’ को युवा पीढ़ी तक पहुंचा रहे हैं और उन्हें बेहतर प्लेयर बनने में मदद कर रहे हैं. कई पूर्व क्रिकेटरों ने कमेंटरी को पेशे के रूप में अपनाया है. इससे इतर कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद इंटरनेशनल अंपायर के तौर पर ‘नई पारी’ शुरू की. इन अंपायर्स में से कई तो अपने फैसलों के उच्च स्तर के चलते काफी प्रतिष्ठा हासिल कर चुके हैं.
मजे की बात यह है कि क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अंपायर बनने वालों में ज्यादा संख्या गेंदबाजों की है. क्रिकेट से रिटायर होने के बाद अंपायर बने पूर्व प्लेयर में से एक तो भारतीय टीम की कप्तानी भी कर चुका है. नजर डालते हैं इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अंपायर बने पूर्व क्रिकेटरों पर..
वेंकटराघवन : वर्ल्डकप में भारतीय टीम के कप्तान रहे

वर्ष 1965 से लेकर 1983 तक भारत के लिए क्रिकेट खेले श्रीनिवास वेंकटराघवन (S Venkataraghavan) मशहूर स्पिन चौकड़ी के अहम सदस्य रहे. बेहतरीन ऑफ स्पिनर वेंकटराघवन ने भारत के लिए 57 टेस्ट और 15 वनडे मैच खेले. टेस्ट में 156 (सर्वश्रेष्ठ 8/72) और वनडे में 5 विकेट उनके नाम पर हैं. पांच टेस्ट और सात वनडे मैचों में वे भारतीय टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं. वर्ष 1975 और 1979 के वर्ल्डकप में भारतीय टीम के कप्तान ‘वेंकट’ ही थे. सितंबर 1983 में पाकिस्तान के खिलाफ जालंधर में वेंकटराघवन ने आखिरी टेस्ट खेला. इंजीनियरिंग ग्रेजुएट वेंकट ने बाद में अंपायर के तौर पर नई पारी शुरू की. 73 टेस्ट और 52 वनडे में उन्होंने अंपायर की जिम्मेदारी निभाई. इसके अलावा एक टेस्ट और 18 वनडे में वे टीवी अंपायर तथा 5 टेस्ट व 8 वनडे में मैच रैफरी के तौर पर रहे. वेंकट को विश्व क्रिकेट के बेहतरीन अंपायरों में शुमार किया जाता था, अंपायरों की एलीट पैनल का भी वे हिस्सा रहे. उन्होंने साल 1993 से लेकर 2004 तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अंपायर की भूमिका निभाई.
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कुमार धर्मसेना : वर्ल्डकप विजेता टीम के सदस्य

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अंपायर बने प्लेयर में श्रीलंका के कुमार धर्मसेना शामिल हैं. धर्मसेना दाएं हाथ के ऑफ ब्रेक बॉलर होने के साथ लोअर ऑर्डर के अच्छे बैटर भी थे. वे 1994 से 2004 तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेले. श्रीलंका के लिए 31 टेस्ट और 141 वनडे खेलने वाले इस क्रिकेटर ने टेस्ट में 868 और वनडे में 1222 रन बनाए जबकि टेस्ट क्रिकेट में 69 और वनडे में 138 विकेट भी उनके नाम रहे. धर्मसेना वर्ष 1996 के वर्ल्डकप में ऑस्ट्रेलिया को हराकर चैंपियन बनी श्रीलंका टीम के अहम सदस्य थे. क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद उन्होंने अंपायरिंग में करियर बनाया और इस समय आईसीसी के एलीट पैनल का हिस्सा हैं. उन्हें बेहतरीन अंपायरों में शुमार किया जाता है. 83 टेस्ट में वे अंपायर और 23 टेस्ट में टीवी अंपायर की भूमिका निभा चुके हैं. इसी तरह 127 वनडे में वे अंपायर व 64 वनडे में टीवी अंपायर और 42 टी20I में अंपायर व 19 टी20I में टीवी अंपायर का रोल निभा चुके हैं.
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रिचर्ड इलिंगवर्थ : इंटरनेशनल क्रिकेटर के तौर पर 5 साल खेले
इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर रिचर्ड इलिंगवर्थ (Richard Illingworth) इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अंपायर का रोल निभा रहे हैं. बाएं हाथ के लेग स्पिनर इलिंगवर्थ का क्रिकेटर के रूप में इंटरनेशनल करियर महज पांच वर्ष (1991-199 6) का रहा, इस दौरान उन्होंने 9 टेस्ट और 25 वनडे खेले. टेस्ट क्रिकेट में 19 और वनडे में 30 विकेट उन्होंने हासिल किए. 67 टेस्ट मैचों में वे ग्राउंड अंपायर व 30 टेस्ट में टीवी अंपायर का रोल निभा चुके हैं. 90 वनडे में वे अंपायर और 79 में टीवी अंपायर के रोल में रहे हैं जबकि 27टी20I में वे अंपायर और 13 में टीवी अंपायर रह चुके हैं.
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इयान गुल्ड : विकेटकीपर बैटर जो बाद में बने अंपायर
इंग्लैंड के इयान गुल्ड (Ian Gould) ने विकेटकीपकर बैटर के तौर पर इंग्लैंड के लिए वर्ष 1983 में 18 वनडे मैच खेले. बाएं हाथ के विकेटकीपर गुल्ड का इंटरनेशनल करियर कोई खास नहीं रहा और 12.91 के औसत से 155 रन बनाने के अलावा 15 कैच और तीन स्टंपिंग उनके नाम पर हैं. 22 जून 1983 को वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ मेनचेस्टर में वे आखिरी इंटरनेशनल मैच खेले. इस मैच में वे 13 रन बनाकर रन आउट हो गए थे. गुल्ड ने 74 टेस्ट में अंपायर और 25 मैचों में टीवी अंपायर का रोल निभाई है. 141 वनडे में वे अंपायर रहे जबकि 47 मैचों में टीवी अंपायर. इसी तरह 37 टी20I में गुल्ड ने अंपायर और 18 मैचों में टीवी अंपायर की भूमिका निभाई .
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पॉल राइफल : टेस्ट और वनडे में विकेटों का ‘शतक’

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज रहे पॉल राइफल (Paul Reiffel) ने 35 टेस्ट और 92 वनडे खेले. क्रिकेट के दोनों फॉर्मेट में उनके नाम 100 से ज्यादा विकेट (टेस्ट में 106 और ODI में 106 विकेट) दर्ज हैं. वर्ष 1999 में पाकिस्तान को हराकर वर्ल्ड चैंपियन बनी ऑस्ट्रेलियाई टीम के राइफल प्रमुख सदस्य रहे हैं. वर्ष 1992 से 1999 तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेले राइफल बाद में इंटरनेशनल अंपायर बने. वे अब तक 66 टेस्ट में अंपायर और 32 टेस्ट में टीवी अंपायर रहे हैं. इसी तरह 89 ODI में वे अंपायर और 59 वनडे में टीवी अंपायर का रोल निभा चुके हैं. 27 टी20I में वे अंपायर और 14 टी20I में टीवी अंपायर के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं.
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Tags: Cricket, ICC, Team india
FIRST PUBLISHED : March 12, 2024, 15:31 IST
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