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फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ बनाने वाली फिल्म निर्माण कंपनी सनशाइन पिक्चर्स के यूट्यूब चैनल पर रिलीज हुए कंपनी की अगली फिल्म ‘बस्तर द नक्सल स्टोरी’ के पहले ही गाने को यूट्यूब ने न चलने की धमकी दी है। फिल्म के निर्माता विपुल शाह को यूट्यूब की तरफ से इस बारे में जानकारी दे दी गई है। वीडियो अभी तक तो सनशाइन पिक्चर्स के चैनल पर मौजूद है लेकिन सनशाइन पिक्चर्स में किसी को ये नहीं पता कि ये वीडियो वहां कब तक मौजूद रह पाएगा!
फिल्म ‘बस्तर द नक्सल स्टोरी’ के गाने वंदे वीरम के बोल अमरनाथ झा ने लिखे हैं। अमरनाथ कहते हैं, ‘ये गाना एक मां और उसके बेटे की मार्मिक भावना है। युद्ध कितने भी लड़े गए हों, मारे किधर के भी लोग गए हों, लेकिन मरता तो एक बेटा ही है ना। और, बेटा किसी भी पक्ष का मरे, कष्ट सबसे ज्यादा जिसे होता है, वह मां है। इस वैश्विक संदेश को देने वाले गाने को ही अगर यूट्यूब नहीं चलने देना चाहता तो इसकी वजह कुछ और हो सकती है। इस गाने के बोल या इसका फिल्मांकन इस गाने को रोकने की असली वजह तो नहीं ही हो सकती।’
‘वंदे वीरम’ गाने की लॉन्चिंग पर फिल्म ‘बस्तर द नक्सल स्टोरी’ के निर्देशक सुदीप्तो सेन ने उस घटना का जिक्र भी किया, जब दिल्ली में नक्सलियों से जुड़े एक प्रोफेसर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने से पहले ही कई वैश्विक ताकतें इस गिरफ्तारी के खिलाफ सक्रिय हो गई थीं। कहा जा रहा है कि नक्सलियों को वित्तीय पोषण पहुंचाने वाली कुछ संस्थाएं और विदेशी एजेंसियां फिल्म ‘बस्तर द नक्सल स्टोरी’ में नक्सलियों की करतूतों का पर्दाफाश किए जाने को लेकर सहज नहीं हैं। एक योजना के तहत यूट्यूब के पास इस गाने को लेकर संदेश भी पहुंचाए जा रहे हैं कि इसका प्रसारण बंद कर दिया जाए।
इस बारे में गूगल की भारतीय शाखा का जनसंपर्क कार्य देखने वाली एजेंसी बीसीडब्लू ग्लोबल को भेजी गई ईमेल का उत्तर अब तक नहीं मिला है। गूगल से इस बारे में भी जानकारी चाही गई है कि ‘वंदे वीरम’ गाने के वीडियो को हिंसक बताने के लिए उनका पैमाना क्या है और वह भारतीय फिल्मों के टीजर, ट्रेलर और गानों में किस पैमाने से हिंसा नापता है? जानकारी यूट्यूब की पैरेंट कंपनी गूगल से इस बात की भी मांगी गई है कि क्या वाकई में उनकी तरफ से इस वीडियो को रोकने की बात फिल्म बनाने वालों से कही गई है।
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