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मौलाना तौकीर रजा खां
– फोटो : अमर उजाला
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कागजी मुठभेड़ दिखाने में अभ्यस्त पुलिस की टीम दिल्ली में बरेली दंगे के मास्टर माइंड मौलाना तौकीर रजा की तलाश में पसीना-पसीना हो गई। सीओ के नेतृत्व में टीम ने सुबह से शाम तक लोकेशन के आधार पर कई इलाके खंगाले पर रात में मौलाना का मोबाइल फोन बंद हो गया।
पुलिस पर आरोप लग रहा था कि मौलाना का मोबाइल फोन खुला होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। प्रेमनगर इंस्पेक्टर पर लापरवाही बरतने के मामले में एसएसपी जांच शुरू करा चुके हैं। इस बीच जब कोर्ट ने सीओ प्रथम को जिम्मेदारी दी तो लगा कि पुलिस आसानी से मौलाना तक पहुंच जाएगी। मंगलवार को पुलिस ने दिल्ली पहुंचकर मौलाना की तलाश शुरू की।
मौलाना का मोबाइल फोन कभी खुलता तो कभी बंद हो जा रहा था। लोकेशन कभी हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह, कभी ओखला तो कभी जामा मस्जिद की ओर आ रही थी। पुलिस जब एक मुकाम पर पहुंचती थी तो मौलाना का नंबर बंद हो जाता था। थोड़ी देर बाद नई लोकेशन मिलती थी और फिर टीम लक्ष्य से भटक जाती थी। उनके परिचितों की लोकेशन भी बार-बार बदल रही थी। रात आठ बजे जामा मस्जिद इलाके में मौलाना का मोबाइल फोन बंद हुआ तो फिर नहीं खुला। टीम को सुबह कोर्ट में जवाब भी देना था तो आधी रात में टीम लौट आई।
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