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Electoral Bond: चुनावी बॉन्ड में निवेश करने वाले बड़े दानकर्ताओं में अंबानी-अदाणी नहीं, जानें लिस्ट में कौन

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Electoral Bond: चुनावी बॉन्ड में निवेश करने वाले बड़े दानकर्ताओं में अंबानी-अदाणी नहीं, जानें लिस्ट में कौन

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Electoral Bond: Names of big donors investing in electoral bonds revealed, electoral bonds

इलेक्टोरल बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
– फोटो : amar ujala

विस्तार


सुप्रीम कोर्ट के निर्देश तहत भारतीय चुनाव आयोग ने गुरुवार को चुनावी बॉन्ड से जुड़ी जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। चुनाव की ओर से चुनावी बॉन्ड से जुड़ी जानकारी दो अलग-अलग पीडीएफ फाइलों के जरिए साझा की गई है। चुनाव आयोग की ओर से अपलोड की गई जानकारी के अनुसार चुनावी बॉन्ड मद में देश के कई करोबारी प्रतिष्ठानों ने बड़ा योगदान दिया है, पर इसमें अंबानी और अदाणी समूह का नाम शामिल नहीं है।चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार चुनावी बॉन्ड के बड़े दानकर्ताओं में फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज का नाम है। कंपनी ओर से करीब 1368 करोड़ रुपये का योगदान किया गया है।

चुनावी बॉन्ड के तहत सबसे अधिक दान देने वाली कंपनी तमिलनाडु से, करती है यह काम 

भारतीय स्टेट बैंक की ओर से चुनाव आयाेग को इलेक्टरोल बॉन्ड से संबधित जो आंकड़े मुहैया कराए गए हैं। उनमें एक कंपनी का नाम चौंकाने वाला है। इन आंकड़ों के अनुसार गेमिंग व्यवसाय का संचालन करने वाली कंपनी फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज ने साल 2019 से 2024 के बीच इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए सबसे अधिक चुनावी चंदा दिया है। कंपनी गेमिंग व्यवसाय का संचालन करती है। चुनाव आयोग की ओर से वेबसाइट पर अपलोड की गई जानकारी के अनुसार फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज ने चुनावी बॉन्ड के जरिए 1368 करोड़ रुपये की बड़ी राशि दान में दी है।

फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड 30 दिसंबर, 1991 को रजिस्टर्ड एक गैर सूचीबद्ध निजी कंपनी है। यह प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है और यह तमिलनाडु के कोयंबटूर में स्थित है। इसकी अधिकृत शेयर पूंजी 50.00 करोड़ रुपये है और कुल चुकता पूंजी (पेड अप कैपिटल) 10.07 करोड़ रुपये है।

31 मार्च, 2022 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज़ का परिचालन राजस्व 500 करोड़ से अधिक था। इस दौरान कंपनी के EBITDA में उससे पिछले वर्ष की तुलना में 1.92% की कमी आई थी। हालांकि, कंपनी का बुक नेटवर्थ उस दौरान 3.38 फीसदी बढ़ा था। यह कंपनी लॉटरी वितरक के रूप में काम करती है। इसके फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के दो निदेशक मार्टिन सैंटियागो और मानिक्का गौडर शिवप्रकाश नामक दो लोग हैं।

इलेक्टोरल बॉन्ड में ‘महादान’ करने वाली कंपनी का देश की अन्य 118 कंपनियों से भी नाता

पब्लिक डोमेन में उपलब्ध जानकारी के अनुसार कंपनी के एक निदेशक मार्टिन सेंटियागो देश की 114 अलग-अलग कंपनियों में निदेशक के तौर पर जुड़े हुए हैं। वे 30 दिसंबर 1991 से कंपनी के निदेशक हैं। उनका डीआईएन नंबर 00029458 है। वहीं दूसरी ओर, फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के दूसरे निदेशक मनिक्का गौडर शिवप्रकाश भी देश की करीब 22 अलग-अलग कंपनियों में निदेशक के तौर पर जुड़े हुए हैं। वे 22 अगस्त, 2022 से कंपनी के निदेशक हैं। उनका डीआईएन नंबर 08109321 है। कंपनी अपने दोनों निदेशकों के माध्यम से देश की 118 कंपनियों से जुड़ी हुई है।

एसबीआई की ओर से चुनाव आयोग को दी गई जानकारी के अनुसार जिन बड़े दानकर्ताओं ने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए बड़ा योगदान दिया है उनके नाम ये हैं-

  • फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्विसेज – 1,368 करोड़ रुपये
  • मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड- 966 करोड़ रुपये
  • क्विक सप्लाई चेन प्राइवेट लिमिटेड – 410 करोड़ रुपये
  • हल्दिया एनर्जी लिमिटेड- 377 करोड़ रुपये
  • भारती ग्रुप – 247 करोड़ रुपये
  • एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड – 224 करोड़ रुपये
  • केवेंटर फूडपार्क इंफ्रा लिमिटेड- 194 करोड़ रुपये
  • मदनलाल लिमिटेड – 185 करोड़ रुपये
  • डीएलएफ ग्रुप – 170 करोड़ रुपये
  • गाजियाबाद के यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने चुनावी बॉन्ड योजना के तहत 162 करोड़ रुपये दान में दिए हैं। यशोदा हास्पिटल की ओर से साल 2021 में  एक-एक करोड़ के 17 बॉन्ड खरीदे गए। साल 2022 के 4 अप्रैल को 50 करोड़ के बॉन्ड, छह अप्रैल को 30 करोड़ के बाॅन्ड जबकि 7 और 15 नवंबर को 9 करोड़ के बॉन्ड खरीदे गए। यशोदा हास्पिटल की ओर से साल 2023 में भी 56 करोड़ रुपये के बॉन्ड की खरीदारी की गई। 
  • उत्कल एल्यूमिना इंटरनेशनल- 145.3 करोड़ रुपये
  • जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड – 123 करोड़ रुपये
  • बिड़ला कार्बन इंडिया- 105 करोड़ रुपये
  • रूंगटा संस- 100 करोड़ रुपये
  • चुनाव आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार वेस्टर्न यूपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड ने चुनावी बॉन्ड के तहत 220 करोड़ रुपये का दान किया।
  • इलेक्टोरल बॉन्ड के आंकड़ों के अनुसार भारती एयरटेल और उससे संबद्ध कंपनियों ने साल 2019 से 2024 के दौरान 248 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे हैं।
  • बिड़ला समूह से जुड़ी कंपनियों ने 107 करोड़ रुपये के बॉन्ड की खरीदारी की है।
  • पिरामल समूह की कंपनियों ने चुनाव बॉन्ड में 48 करोड़ रुपये का चंदा दिया है।
  • दवा बनाने वाली कंपनी सिप्ला लिमिटेड ने 39.02 करोड़ रुपये जबकि धारीवाल इंफ्रा लिमिटेड ने 115 करोड़ रुपये के बॉन्ड्स खरीदे हैं। यह कंपनी आरपी संजीव गोयनका ग्रुप से संबंधित है।
  • जायडस समूह ने चुनावी बॉन्ड में कुल 29 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।
  • किरण मजूमदार शॉ ने एक ही दिन में छह करोड़ का चंदा दिया है। 10 अप्रैल को उन्होंने 24 बॉन्ड खरीदे थे।    
  • 18 अप्रैल 2019 को लक्ष्मी मित्तल ने 35 बॉन्ड खरीदकर 35 करोड़ का चंदा दिया था।
  • कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने 10 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे हैं।
  • वेदांता समूह से जुड़ी कंपनियों की ओर से 402 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे गए हैं।
  • टॉरेंट पावर की ओर से 106 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे गए हैं।
  • डॉ रेड्डीज- 80 करोड़ रुपये
  • पीरामल एंटरप्राइजेज ग्रुप- 60 करोड़ रुपये
  • नवयुगा इंजीनियरिंग – 55 करोड़ रुपये
  • शिरडी साई इलेक्ट्रिकल्स- 40 करोड़ रुपये
  • एडलवाइस ग्रुप- 40 करोड़ रुपये
  • सिप्ला लिमिटेड – 39.2 करोड़ रुपये
  • लक्ष्मी निवास मित्तल- 35 करोड़
  • ग्रासिम इंडस्ट्रीज- 33 करोड़ रुपये
  • जिंदल स्टेनलेस – 30 करोड़ रुपये
  • बजाज ऑटो – 25 करोड़ रुपये
  • सन फार्मा लैबोरेटरीज – 25 करोड़ रुपये
  • मैनकाइंड फार्मा – 24 करोड़ रुपये
  • बजाज फाइनेंस – 20 करोड़ रुपये
  • मारुति सुजुकी इंडिया- 20 करोड़ रुपये
  • अल्ट्राटेक – 15 करोड़ रुपये
  • टीवीएस मोटर्स – 10 करोड़ रुपये

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