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Nikol Pashinyan News: रूस (Russia ) ने बुधवार को कहा कि वह आर्मीनिया (Armenia) के राजनीतिक नेतृत्व की ओर से मास्को के खिलाफ अपमानजनक बयानबाजी और अल्टीमेटम से चिंतित है. उसने येरेवन (Yerevan) को इसके बजाय उचित कम्युनिकेशन चैनलों का इस्तेमाल करने की सलाह दी.
रॉयटर्स के मुताबिक विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने अर्मेनियाई प्रधानमंत्री निकोल पशिनियन द्वारा पिछले दिनों दिए गए एक बयान पर यह प्रतिक्रिया दी.
कहा कहा था अर्मेनियाई पीएम ने?
पीएम पशिनियन ने कहा था कि उनका देश मॉस्को के नेतृत्व वाले सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) को छोड़ने की चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर सिक्योरिटी ब्लॉक आर्मीनिया की सुरक्षा को संतोषजनक तरीके से बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता के बारे में विस्तार से नहीं बताता तो उनका देश सीएसटीओ से बाहर जा सकता है.
मॉस्को से नाखुश नजर आते हैं अर्मेनियाई पीएम
पशिनियन ने हाल के महीनों में रूस के साथ आर्मीनिया के दीर्घकालिक संबंधों पर असंतोष व्यक्त किया है और कहा है कि येरेवन अब अपनी रक्षा जरूरतों को सुनिश्चित करने के लिए मास्को पर भरोसा नहीं कर सकता है.
आर्मीनिया पीएम ने कहा कि आर्मीनिया को इस बारे में सोचना चाहिए कि उसे संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, भारत और जॉर्जिया के साथ किस तरह के सुरक्षा संबंध बनाने चाहिए.
रूस-आर्मीनिया संबंधों में तनाव
आर्मीनिया परंपरागत रूप से मास्को का करीबी सहयोगी रहा है. दोनों देशों के बीच संबंध तब से तनावपूर्ण हैं, जब अजरबैजान ने रूसी शांति सैनिकों की मौजूदगी के बावजूद पिछले साल सितंबर में नागोर्नो-काराबाख के अपने अलग क्षेत्र को वापस ले लिया था.
इस दौरान सीएसटीओ ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया और अजरबैजान के मिलिट्री एक्शन ने क्षेत्र की आर्मीनिया ई आबादी को बड़े पैमाने पर आर्मीनिया की ओर पलायन करने को मजबूर किया.
आर्मीनिया ने जताई नाटो में शामिल होने की इच्छा
अर्मेनियाई विदेश मंत्री अरारत मिर्ज़ोयान ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश यूरोपीय संघ की सदस्यता के लिए आवेदन करने पर भी विचार कर रहा है क्योंकि वह पश्चिम के साथ घनिष्ठ संबंध बनाना चाहता है.
रूस ने और क्या कहा?
ज़खारोवा ने बुधवार को कहा कि रूस ने अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर अपनी विदेश नीति निर्धारित करने के किसी भी देश के अधिकार पर आपत्ति नहीं जताई. हालांकि उन्होंने कहा कि आर्मीनिया का व्यवहार ठीक नहीं था. उन्होंने एक ब्रीफिंग में कहा, ‘हम अर्मेनियाई नेतृत्व के अल्टीमेटम और कभी-कभी अपमानजनक बयानबाजी से चिंतित हुए बिना नहीं रह सकते.’
ज़खारोवा ने कहा, ‘अर्मेनियाई अभिजात वर्ग के कुछ हिस्सों की लगातार इस संगठन के बाहर सीएसटीओ पर चर्चा करने की इच्छा बेहद पेचीदा है.’ उन्होंने आर्मीनिया को सीएसटीओ के भीतर अपनी सदस्यता के भविष्य पर चर्चा करने और द्विपक्षीय संबंधों से संबंधित किसी भी चीज़ के लिए रूस के साथ दो-तरफा संचार चैनलों का उपयोग करने की सलाह दी.
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