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Farhatullah Ghori News: आईएसआई ने 2002 में गुजरात के गांधी नगर में अक्षरधाम मंदिर पर हुए हमले समेत कई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड आतंकवादी फरहतुल्ला गोरी का एक वीडियो जारी किया है जिसमें वह भारत के खिलाफ युद्ध का आह्वान करता दिख रहा है. कई आतंकी हमलों की जांच में गोरी की भागीदारी सामने आने के बाद से वह भारतीय एजेंसियों के निशाने पर है.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कहा था कि उनके द्वारा भंडाफोड़ किए गए इस्लामिक स्टेट से प्रेरित मॉड्यूल को गोरी चला रहा था.
गोरी 2019 तक गायब बताया जाता था उसके बाद से उसे टेलीग्राम और अन्य एन्क्रिप्टेड चैट एप्लिकेशन पर सक्रिय पाया गया. उसने युवाओं का ब्रेनवॉश करने के लिए वीडियो की एक सीरीज जारी की, जबकि वह इसमें नजर नहीं आया. ऑनलाइन कट्टरपंथी कैंपेने के बाद एजेंसियों उसके पीछे लग गईं. गोरी को अबू सुफियान और सरदार के उपनाम से जाना जाता है.
2020 में सरकार ने किया था आतंकी घोषित
गोरी को 2020 में भारतीय गृह मंत्रालय ने एक व्यक्तिगत आतंकवादी नामित किया गया था. बिना किसी डर के, वह लाहौर से काम करता रहा और कभी सामने नहीं आया. यहां तक कि अमेरिका और इंटरपोल को भी उसकी कोई तस्वीर नहीं मिल पाई.
आईएसआई की साजिश
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक खुफिया सूत्रों को शक है कि उसका वीडियो लोकसभा चुनावों से पहले सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करने की आईएसआई की साजिश हो सकती है.
एक खुफिया अधिकारी ने कहा, ‘ज्यादातर हाई-प्रोफाइल आतंकवादी निगरानी में हैं और पाकिस्तान उन पर लटकी एफएटीएफ की तलवार से सुरक्षित खेल रहा है. अब गोरी के सामने आने से पाकिस्तान यह दावा करके जिम्मेदारी से बच सकता है कि वह भागा हुआ भारतीय है और हमेशा की तरह अपनी धरती पर उसकी मौजूदगी से इनकार कर सकता है.’
गोरी के फेसबुक और टेलीग्राम चैनलों को किया गया ब्लॉक
पिछले दो वर्षों में, भारतीय खुफिया एजेंसियों ने गोरी द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे फेसबुक पेज और टेलीग्राम चैनलों को ब्लॉक कर दिया है. सूत्रों ने कहा कि गोरी और उसकी टीम न केवल आईएस के नाम पर युवाओं का ब्रेनवॉश कर रही थी, बल्कि युवाओं को आकर्षित करने के लिए जैश-ए-मोहम्मद और अल-कायदा के पेज भी बना रही थी.
एक एंटी टेरर अधिकारी के मुताबिक, ‘वह एक आतंकी फाइनेंसर के रूप में भी काम करता है और भारत में मुस्लिम युवाओं को देश के खिलाफ उकसाने के लिए फेसबुक, टेलीग्राम और यूट्यूब पर खातों के एक नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहा है. परीक्षण कार्यों के लिए चुने गए लोगों को हवाला के माध्यम से छोटी रकम भी भेजी जाती है.’
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