Home Breaking News Election: ‘झूठ के बाजार में रौनक बहुत होती है’, जानें फेक न्यूज पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने क्यों कही ये बात

Election: ‘झूठ के बाजार में रौनक बहुत होती है’, जानें फेक न्यूज पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने क्यों कही ये बात

0
Election: ‘झूठ के बाजार में रौनक बहुत होती है’, जानें फेक न्यूज पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने क्यों कही ये बात

[ad_1]

lok sabha election schedule Election commissioner of India Rajiv Kumar on fake news hate speech

राजीव कुमार
– फोटो : ANI

विस्तार


लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है। देशभर में सात चरणों में लोकसभा चुनाव होगा। तारीखों के एलान से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कुछ जानकारी दी है। उन्होंने फेक न्यूज और अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी दी है। इसी के साथ उन्होंने राजनीतिक दलों को निजी टिप्पणियों और हमलों से बचने की अपील की है।

झूठ के बाजार में रौनक बहुत होती है

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, “चुनाव आयोग समेत किसी की भी आलोचना करने की पूर्ण स्वतंत्रता है, लेकिन फेक न्यूज, अफवाहें फैलाने की आजादी नहीं है। हर राज्य के अधिकारियों को अधिकार दिया गया है ताकि वे आपत्तिजनक बयानों से जुड़ी पोस्ट हटाने को कह सकें। अगर कोई झूठा खबर फैला रहा है तो हम उसका पुरजोर मुकाबला करेंगे। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर झूठ बनाम हकीकत नाम से शृंखला शुरू की जाएगी। मतदाताओं से भी अनुरोध है कि सोशल मीडिया पर जो भी आए, उसे आंख बंदकर आगे न बढ़ाएं। झूठ के बाजार में रौनक बहुत होती है।”

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि हमने राजनीतिक दलों से कहा है कि वे चुनाव आयोग की गाइडलाइन को अपने स्टार कैम्पेनर के संज्ञान में लाएं। पिछली बार नैतिक सेंसर था, लेकिन अब हम अतीत भी देखेंगे। अगर किसी ने नफरत भरे भाषण दिए, निजी जिंदगी से जुड़े पहलुओं पर गलत बयान दिए, धार्मिक नफरत फैलाने की बात कही तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। प्रचार अभियान के दौरान लक्ष्मण रेखा को पार न करें। 

नफरत भरे भाषणों पर भी इस बार सख्ती होगी

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने नफरती भाषणों पर कहा, “डिजिटल के जमाने में जो भी आपके मुंह से निकलेगा, उसका रिकॉर्ड सौ साल तक रहेगा। लड़ाई-झगड़े में प्रेम का धागा टूट जाता है तो बड़ी मुश्किल होती है। हमने 537 अपंजीकृत राजनीतिक दलों को अधिकृत सूची से बाहर किया है। राजनीतिक दलों के हर खातों की जानकारी डिजिटल रूप में चुनाव आयोग को भेजनी होगी। इस बार चुनाव प्रचार में बच्चों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। हम 2,100 पर्यवेक्षकों की तैनाती कर रहे हैं। वे जिला निर्वाचन अधिकारियों की निष्पक्षता पर नजर रखेंगे। सुरक्षा बलों की तैनाती सही तरीके से हो रही है या नहीं, इस पर भी नजर रखी जाएगी। हमारा लक्ष्य है कि कहीं भी पुनर्मतदान की जरूरत न पड़े, कहीं हिंसा न हो, कहीं बदमिजाजी न हो, फेक न्यूज न फैले।”

नेताओं-राजनीतिक दलों पर चुटकी

मुख्य चुनाव आयुक्त ने राजनीतिक दलों को निजी टिप्पणियों और हमलों से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा,” राजनीतिक दलों को हमेशा  निजी टिप्पणियों-हमलों से बचना चाहिए। हम उनसे कहना चाहेंगे कि दुश्मनी जमकर करें, लेकिन यह गुंजाइश रहे कि जब कभी दोस्त हो जाएं तो शर्मिंदा न हों। आजकल जल्दी-जल्दी दोस्त बनने और जल्दी-जल्दी दुश्मन बनने की प्रक्रिया ज्यादा चल रही है।”

प्रेस कॉन्फेरेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि इस बार इस बार 97 करोड़ मतदाना मतदान करेंगे, जिनमें से 49.7 करोड़ पुरुष और 47 करोड़ महिलाएं हैं। वहीं चुनाव में 55 लाख ईवीएम का इस्तेमाल होगा और 10.5 लाख मतदान केंद्रों में चुनाव आयोजित किया गया है। 




[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here