Home Breaking News चुनावी किस्से: नेहरू के निधन के बाद हुए चुनाव में यहां हुआ कांग्रेस का बुरा हाल, पार्टी अध्यक्ष तक को मिली हार

चुनावी किस्से: नेहरू के निधन के बाद हुए चुनाव में यहां हुआ कांग्रेस का बुरा हाल, पार्टी अध्यक्ष तक को मिली हार

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चुनावी किस्से: नेहरू के निधन के बाद हुए चुनाव में यहां हुआ कांग्रेस का बुरा हाल, पार्टी अध्यक्ष तक को मिली हार

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1967 lok sabha elections and congress performance in the polls

इंदिरा गांधी
– फोटो : AMAR UJALA

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देश की आजादी को 20 साल हो चुके थे। इन 20 वर्षों में देश की सियासी तस्वीर बहुत बदल चुकी थी। ये साल एक और चुनाव का साल था। ये पहला चुनाव था जब नेहरू चुनाव के प्रचार का केंद्र नहीं थे। नेहरू के निधन के बाद देश की सियासत बदल चुकी थी। पाकिस्तान के साथ युद्ध में विजय और उसके बाद शास्त्री की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद सत्ता की कमान इंदिरा गांधी के हाथ में थी। सत्ता में हो रही इस उथल-पुथल के बीच देश के हालात में भी बहुत से बदलाव आए थे। इन बदलावों को देखकर कई विदेशी पत्रकार तो यहां तक भविष्यवाणी करने लगे थे कि शायद 1967 का लोकसभा चुनाव होगा ही नहीं। जिस तरह पाकिस्तान और बर्मा जैसे देशों में सैनिक सत्ता आ चुकी थी। उसी तरह की स्थिति भारत में हो सकती है। विदेशी पत्रकारों की इस भविष्यवाणी की वजह उस वक्त भारत में फैला क्षेत्रीय तनाव, धार्मिक कट्टरता, खाद्यानों की कमी, मुद्रास्फीति की दर और तेजी से बढ़ती आबादी थी। 

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