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Putin Wins Russian Presidential Elections 2024: राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को रूस के चुनाव में सोवियत युग के बाद की एक रिकॉर्ड जीत हासिल की. इस कामयाबी से सत्ता पर उनकी पहले से ही मजबूत पकड़ और मजबूत हो गई. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि मॉस्को ने पश्चिम के सामने खड़े होने और यूक्रेन में अपनी सेना भेजने के लिए सही कदम उठाया था.
पुतिन ने यह स्पष्ट कर दिया कि नतीजे से पश्चिम को एक संदेश जाना चाहिए कि उसके नेताओं को एक साहसी रूस के साथ समझौता करना होगा, चाहे वह युद्ध में हो या शांति में. बता दें एक पूर्व केजीबी लेफ्टिनेंट कर्नल, पहली बार 1999 में पुतिन, सत्ता में आए थे.
स्टालिन से आगे निकल जाएंगे पुतिन
इस चुनावी परिणाम का मतलब है कि 71 वर्षीय पुतिन एक नए छह साल के कार्यकाल के लिए तैयार हैं. यह कार्यकाल पूरा करने पर वह जोसेफ स्टालिन से आगे निकल जाएंगे और पिछले 200 से अधिक वर्षों में रूस के सबसे लंबे समय तक पद पर बने रहने वाले नेता बन जाएंगे.
शुरुआती आधिकारिक नतीजे
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक पोलस्टर पब्लिक ओपिनियन फाउंडेशन (एफओएम) के एक एग्जिट पोल के मुताबिक, पुतिन ने 87.8% वोट हासिल किए, जो रूस के सोवियत इतिहास के बाद का सबसे बड़ा परिणाम है. रशियन पब्लिक ओपिनियन रिसर्च सेंटर (वीसीआईओएम) ने पुतिन को 87% पर रखा है. शुरुआती आधिकारिक नतीजों ने संकेत दिया कि चुनाव सटीक थे.
क्या हाल रहा दूसरे प्रत्याशियों का?
शुरुआती नतीजों के अनुसार, कम्युनिस्ट उम्मीदवार निकोलाई खारितोनोव 4% से कम वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे. वहीं व्लादिस्लाव दावानकोव तीसरे और अति-राष्ट्रवादी लियोनिद स्लटस्की चौथे स्थान पर रहे.
चुनाव को लेकर बाकी देशों ने क्या कहा
संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम और अन्य देशों ने कहा है कि राजनीतिक विरोधियों की कैद और सेंसरशिप के कारण चुनाव न तो स्वतंत्र था और न ही निष्पक्ष.
जीतने के बाद क्या बोले पुतिन
पुतिन ने मॉस्को में एक विजय भाषण में समर्थकों से कहा कि वह यूक्रेन में रूस के ‘स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन’ से जुड़े कामों को हल करने को प्राथमिकता देंगे और रूसी सेना को मजबूत करेंगे.
पुतिन ने कहा, ‘हमारे सामने कई काम हैं. लेकिन जब हम एकजुट होते है – चाहे कोई भी हमें डराना चाहे, हमें दबाना चाहे – इतिहास में कोई भी कभी सफल नहीं हुआ है, वे अब भी सफल नहीं हुए हैं और वे भविष्य में भी कभी सफल नहीं होंगे.’ वह जब मंच पर आए तो समर्थकों ने ‘पुतिन, पुतिन, पुतिन’ और भाषण के बाद ‘रूस, रूस, रूस’ के नारे लगाए.
विपक्षी नेता की मौत पर पहली टिप्पणी
विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की पिछले महीने आर्कटिक जेल में मृत्यु हो गई थी. उनकी मृत्यु के विरोध में हजारों विरोधियों ने रूस और विदेशों में मतदान केंद्रों पर पुतिन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.
पुतिन ने वह रूस के चुनाव को लोकतांत्रिक मानते हैं और कहा कि उनके खिलाफ नवलनी-प्रेरित विरोध का चुनाव के नतीजे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा.
नवलनी की मौत पर अपनी पहली टिप्पणी में, उन्होंने यह भी कहा कि नवलनी का निधन एक ‘दुखद घटना’ थी. उन्होंने यह भी दावा किया कि वह विपक्षी राजनेता को शामिल करते हुए कैदियों की अदला-बदली करने के लिए तैयार थे.
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