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Arvind Kejriwal
– फोटो : ANI
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देश में लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और आदर्श आचार संहिता भी लग चुकी है। पहले चरण के नामांकन के लिए अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आदर्श आचार संहिता को लेकर प्रवर्तन निदेशालय के 9वें समन पर दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। राहत नहीं मिली और देर शाम गिरफ्तार हो गए। मुख्यमंत्री के तौर पर वह जेल से दिल्ली की सरकार चलाएंगे। लेकिन इसे लोकसभा चुनाव 2024 का बड़ा टर्न आउट माना जा रहा है। केजरीवाल की गिरफ्तारी को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से लेकर भाजपा ने मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है।
दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी मार्लेना ने केजरीवाल की गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी से साफ है कि ईडी और भाजपा अदालतों का सम्मान नहीं करती। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इसे गलत और असंवैधानिक करार दिया है। प्रियंका गांधी ने हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं पर ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग का लगातार दबाव है। एक मुख्यमंत्री जेल में डलवा दिए गए हैं और दूसरे को जेल ले जाने की तैयारी हो रही है। उन्होंने एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को अपना स्तर इतना नीचे गिराना शोभा नहीं देता।
भाजपा ने केजरीवाल की गिरफ्तारी से सेट किया चुनावी एजेंडा
भाजपा के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को सही और न्याय संगत बताया है। दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा पहले ही कह चुके हैं कि अरविंद केजरीवाल गिरफ्तारी से भाग नहीं सकते। दिल्ली में भाजपा के नेता अरुण शुक्ला का कहना है कि आम आदमी पार्टी का जन्म ईमानदार, जनता के प्रति जवाबदेह पार्टी के रूप में हुआ था। इसके संयोजक और मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जा चुके हैं। इससे बड़ी बात क्या होगी? भाजपा के नेता, प्रवक्ता और केंद्रीय मंत्री दिल्ली शराब घोटाले को लेकर 2023 से ही केजरीवाल की गिरफ्तारी की भविष्यवाणी कर रहे थे। यह भविष्यवाणी से 2022 में भी हो रही थी।
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