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विकास यात्रा: आत्मनिर्भरता की ओर… संस्कृति से समृद्धि की रहा पर बढ़ता यूपी

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विकास यात्रा: आत्मनिर्भरता की ओर… संस्कृति से समृद्धि की रहा पर बढ़ता यूपी

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Uttar Pradesh rapidly moving towards self-reliance growing with prosperity through culture cm yogi adityanath

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल)।
– फोटो : amar ujala

विस्तार


उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की सेवा, सुरक्षा और समृद्धि का हमारा व्रत सात वर्ष पूर्ण कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन को मिशन के रूप में आत्मसात करते हुए 2017 में डबल इंजन की सरकार ने सुरक्षा, सुशासन और विकास की जिस यात्रा को प्रारंभ किया था, वह आज ‘नए भारत के नए उत्तर प्रदेश’ के रूप में पूरे देश के समक्ष प्रस्तुत है। हमारी नीतियों के प्रति जिस प्रकार जनता ने अपना सहयोग और समर्थन दिया है, उससे यह विश्वास और दृढ़ हो चला है कि स्पष्ट नीति, साफ नीयत, प्रतिबद्धतापूर्ण नियोजन के सद्प्रयास अवश्य फलित होते हैं।

उत्तर प्रदेश के बदलाव की चर्चा आज राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हो रही है, तो इसके पीछे ‘ट्रिपल सी’ यानी, कल्चर, कनेक्टिविटी और कॉमर्स का मंत्र है। आज अयोध्या, काशी, मथुरा जैसे सनातन आस्था के मानबिंदुओं का यशगान पूरी दुनिया में हो रहा है। 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद श्रीअयोध्याधाम में भव्य-दिव्य-नव्य मंदिर में श्रीरामलला भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर पुनरोद्धार, विंध्यधाम कॉरिडोर, ब्रज भूमि, नैमिषारण्य धाम, और सोरों-सूकर क्षेत्र आदि के समग्र विकास के प्रयासों ने धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नवीन संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त किया है।

हाल के वर्षों में देश के विभिन्न प्रांतों से करोड़ों श्रद्धालुओं का प्रदेश में आगमन हुआ है, जिन्होंने स्थानीय अर्थव्यवस्था में बड़े पैमाने पर योगदान दिया है। परिणामतः, रोजगार के अवसर बढ़े हैं, खुशहाली के नवीन द्वार खुले हैं। आज उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा टूरिज्म हब बनने की ओर अग्रसर है। यह बदलाव, नए बनते अवसर आस्था, अर्थव्यवस्था और संस्कृति की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

आज उत्तर प्रदेश में जल, थल और नभ की बेहतरीन कनेक्टिविटी है। देश का सबसे बड़ा रेल और रोड नेटवर्क यहीं है। यही एकमात्र प्रदेश है, जहां पांच अंतरराष्ट्रीय और 16 घरेलू हवाई अड्डे हैं। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन यहां है। छह एक्सप्रेसवे संचालित हैं, सात निर्माणाधीन हैं। हमारी योजना है कि अगले वर्ष जब पूरी दुनिया से संत व श्रद्धालु प्रयागराज महाकुंभ में स्नान के लिए आएं, तो उन्हें गंगा एक्सप्रेसवे का सुखद अनुभव प्राप्त हो। प्रधानमंत्री के विशेष स्नेह का परिणाम है कि देश का पहला इनलैंड वाटर-वे और पहली रैपिड रेल के संचालन का गौरव प्रदेश को प्राप्त हुआ।

‘नए भारत का यह नया उत्तर प्रदेश’ आज ‘स्व’ से साक्षात्कार कर रहा है। अपनी प्रतिभा, परंपरा और संभावनाओं को पहचान कर यह सुशासन और विकास से जुड़ चुका है। यहां आस्था, परंपरा और विरासत का सम्मान है, तो अर्थव्यवस्था पर भी पूरा ध्यान है। आज उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में राष्ट्रीय जीडीपी में 9.2 फीसदी का योगदान कर रहा है। बीते सात वर्षों में राज्य की सकल घरेलू आय में दोगुने से अधिक वृद्धि हुई है। रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में उत्तर प्रदेश की सशक्त पहचान बनी है, जो दर्शाता है कि प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ा है। प्रति व्यक्ति आय में दोगुने से अधिक वृद्धि हुई है।

उत्तर प्रदेश 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले वर्ष ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में दुनिया भर से 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलना न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि देश के किसी भी राज्य के इतिहास में अभूतपूर्व घटना थी। यह प्रदेश को निवेश के श्रेष्ठ गंतव्य और भविष्य के भरोसे के रूप में व्यक्त करता है। एक वर्ष की अवधि के भीतर हमने 10.24 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का क्रियान्वयन भी शुरू कर दिया। इतनी बड़ी राशि का निवेश युवाओं के सपनों को साकार करने में भी सहायक होगा। हर हाथ को काम मिलेगा, हर घर खुशहाली आएगी। इन वर्षों में साढ़े छह लाख युवाओं को पारदर्शी ढंग से सरकारी नौकरियां मिली हैं। हमने चार लाख करोड़ रुपये से लेकर 40 लाख करोड़ रुपये तक के निवेश प्रस्तावों की जो यात्रा तय की है, इसने प्रदेश में नवोन्मेष और स्टार्टअप संस्कृति के विकास को प्रोत्साहित किया है। इसका परिणाम है कि आज प्रदेश का युवा ‘जॉब सीकर’ से आगे बढ़कर ‘जॉब क्रिएटर’ बन रहा है।  

डबल इंजन सरकार के सात वर्ष ‘संकल्प से सिद्धि’ के रहे हैं। इन वर्षों में अंत्योदय से सर्वोदय तक, स्वास्थ्य से शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर से इंडस्ट्री, कृषि से कॉमर्स और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से ईज ऑफ लिविंग तक के संकल्प को समवेत करते हुए ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ का मार्ग प्रशस्त हुआ है। 23 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त सिंचित भूमि का सृजन कर खेती की लागत में कमी और उत्पादकता में वृद्धि सुनिश्चित की गई है। अब प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल भी नहीं देना पड़ता। हमारे वादे-हमारे दावे, हमारी नीति, नीयत और नियोजन में स्पष्टता है।

हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें ‘अमृतकाल के सारथी’ के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। हमारे महान पूर्वजों ने जिस रामराज्य की परिकल्पना की थी, वह आज उनके नेतृत्व में साकार हो रहा है। उज्ज्वला, सौभाग्य, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वनिधि, आयुष्मान, निःशुल्क राशन जैसे प्रयास जाति, पंथ, मजहब से परे, सभी के जीवन में उजियारा भर रहे हैं। तकनीक का सही उपयोग कर कैसे आम आदमी का जीवन बदला जा सकता है, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर इसका बेहतरीन उदाहरण है। इससे व्यवस्था में पहले से व्याप्त लीकेज तो समाप्त हुआ ही है, ईज ऑफ लिविंग का संकल्प भी पूरा हो रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के जरिये आज पूरा उत्तर प्रदेश खुले में शौच के दंश से मुक्त हो चुका है। हर घर में नल से शुद्ध जल की आपूर्ति का स्वप्न आज यथार्थ बन रहा है।

प्रधानमंत्री की प्रेरणा और 25 करोड़ प्रदेशवासियों के समवेत प्रयास से आज उत्तर प्रदेश, भारत के ‘श्रम शक्ति पुंज से अर्थ शक्ति पुंज’ बनने की ओर अग्रसर है। जो स्वप्न प्रदेश ने देखे हैं, वे साकार हों, जो संकल्प हमने लिए हैं, उनकी सिद्धि हो, इसके लिए हर प्रदेशवासी को एकजुट होकर अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा। डबल इंजन सरकार उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने और हर प्रदेशवासी के सपने को साकार करने के लिए कृतसंकल्पित है। 

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