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SC: कर्नाटक सरकार का आरोप- सूखे के बीच केंद्र से नहीं मिल रही धनराशि, खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

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SC: कर्नाटक सरकार का आरोप- सूखे के बीच केंद्र से नहीं मिल रही धनराशि, खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

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Karnataka moves Supreme Court seeking direction to Centre to release funds for drought management

सुप्रीम कोर्ट
– फोटो : ANI

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका कहना है कि पानी की कमी से जूझ रहे राज्य को केंद्र सरकार से धन नहीं मिल रहा है। केंद्र से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) जारी करवाने के लिए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है।

सीएम सिद्धारमैया ने कहा, ‘हमने राज्य को सूखा राहत निधि के वितरण में देरी को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ ये याचिका दायर की है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सूखे की स्थिति पर मंत्रिस्तरीय टीम द्वारा अपनी रिपोर्ट सौंपने के पांच महीने बाद भी केंद्र ने धनराशि जारी नहीं की है।

लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा

उन्होंने कहा, ‘राज्य गंभीर सूखे से जूझ रहा है। इससे लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। राज्य के 236 तालुकों में से 223 को सूखा घोषित किया जा चुका है। इनमें से 196 को गंभीर रूप से सूखा प्रभावित बताया गया है। यह पिछले 30-40 वर्षों में सबसे गंभीर स्थिति है। 48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि फसलें बर्बाद हो गईं। हमने केंद्र को धन जारी करने के लिए तीन बार ज्ञापन भेजा, लेकिन अब तक एक पैसा भी नहीं मिला।’

अधिवक्ता डीएल चिदानन्द के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है, ‘खरीफ 2023 सत्र में कृषि और बागवानी फसलों के नुकसान को मिलाकर 48 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि में 35,162 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान (खेती की लागत) हुआ है। एनडीआरएफ के तहत भारत सरकार से 18,171.44 करोड़ रुपये की सहायता मांगी गई है।’

केंद्र ने रिपोर्ट मिलने के बाद भी कोई फैसला नहीं लिया

वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत और राज्य के महाधिवक्ता के शशि किरण शेट्टी ने दायर याचिका में कहा, ‘राज्य आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अनुसार केंद्र से राहत राशि प्राप्त करने का हकदार है।’ याचिका में आगे कहा गया है कि सूखा प्रबंधन नियमावली के तहत केंद्र को अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (आईएमसीटी) की रिपोर्ट मिलने के एक महीने के भीतर एनडीआरएफ से राज्य को सहायता देने के बारे में अंतिम निर्णय लेना होता है। केंद्र ने रिपोर्ट मिलने के बाद भी अभी तक कोई फैसला नहीं लिया।

कोई समाधान नहीं निकला

सिद्धारमैया ने कहा कि पिछले साल अक्तूबर में एक केंद्र सरकार की एक टीम ने राज्य में आकर निरीक्षण किया था। उन्होंने केंद्र को सूखे को लेकर एक रिपोर्ट भी सौंपी। इसके एक महीने के अंदर ही केंद्र को राज्य के लिए धन जारी करने का आदेश देना था। 

उन्होंने कहा, ‘केंद्र ने जब हमारी मांग नहीं मानी तो मैं और रेवेन्यू मिनिस्टर कृष्णबायरे गौड़ा दिल्ली गए थे, लेकिन हमसे किसी केंद्रीय मंत्री ने मुलाकात नहीं की। इसके बाद 20 दिसंबर को मैं और कृष्णाबायरे गौड़ा फिर दिल्ली गए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। हमने उनसे धन जारी करने का अनुरोध किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।’




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