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11:26 AM, 24-Mar-2024
Holika Dahan 2024: होली पर शुक्र, मंगल और शनि का दुर्लभ संयोग
आज रात होलिका दहन होगी फिर कल होली का पर्व मनाया जाएगा। इस बार होली के त्योहार पर कई ग्रहों का संयोग बन रहा है। 25 मार्च को होली पर शनि अपनी राशि कुंभ में रहेंगे और इसी राशि में शुक्र और मंगल भी रहेंगे। इस तरह से कुंभ राशि में तीन ग्रहों का संयोग बनेगा।
11:21 AM, 24-Mar-2024
Holika Dahan Timing 2024: होलिका दहन पर क्यों होती है हनुमानजी की पूजा
आज रात्रि में पूरे देश में होलिका दहन का त्योहार मनाया जाएगा। होली से एक दिन पहले रात्रि को होलिका दहन की जाती है। होलिका दहन में कई दिनों पहले से एकत्रित लकड़ियों को जलाया जाता है और विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। होलिका की पूजा के अलावा इस दिन यानी होलिका का रात को भगवान हनुमान जी विशेष पूजा अर्चना भी की जाती है। मान्यता है कि होली के दिन पहले हनुमान जी विशेष वरदान की मुद्रा में होते हैं। ऐसे में इस दिन हनुमान जी की आराधना हर कामना पूरी करने वाली मानी जाती है।
11:11 AM, 24-Mar-2024
Holika Dahan Timing 2024: होलिका दहन का महत्व
रंगों वाली होली के एक दिन पहले रात्रि को होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन पर अग्निदेव और भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर अपने भक्त प्रह्लाद की जान बचाई थी। इसलिए होलिका दहन करने की परंपरा होती है। इस दिन भगवान विष्णु के विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
11:00 AM, 24-Mar-2024
Holika Dahan 2024: आज होलिका की अग्नि में अर्पित कर दें ये चीजें
हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि की रात को होलिका दहन की जाती है। होलिका दहन पर घर के पास मौजूद चौराहे पर सूखी लकड़ियों को एकत्रित करके होलिका की पूजा फिर परिक्रमा करते हुए शुभ मुहूर्त में होलिक दहन किया जाता है। होलिका में कुछ चीजों को अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है।
– हवन सामग्री अर्पित करें।
– गेहूं और चने की बालियां होलिका में डालें।
– सूखा नरियल
– लौंग, पान के पत्ते और बताशे
– काली सरसों
10:50 AM, 24-Mar-2024
Holika Dahan Timing 2024: होलिका दहन पर क्या करें
आज फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि और आज रात होलिका दहन किया जाएगा। इस बार फाल्गुन माह की पूर्णिमा की तिथि 24 और 25 मार्च दो दिन पड़ रही है। आज रात होलिका दहन होगा। होलिका दहन पर रात को जागकर मंत्रों का जाप करना बहुत ही ही शुभ फलदायक होता है। होलिका की रात को मंत्रों का जाप करने से सकारात्मक फल की प्राप्ति होती है। इसके अलावा होलिका की राख को बहुत अधिक पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलिका दहन की राख को पानी में मिलाकर स्नान करने से ग्रह दोष खत्म हो जाता है। होलिका दहन के बाद उसकी राख का तिलक जरूर लगाएं।
10:39 AM, 24-Mar-2024
होलिका दहन पूजा विधि
होलिका पूजन के दिन निर्धारित किये गये स्थान को गंगाजल से शुद्ध कर उसमें सूखे उपले, सूखी लकडी, सूखी घास आदि डालें फिर इसके बाद पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। पूजा में एक लोटा जल, माला, रोली, चावल, गंध, पुष्प, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी, मूंग, बतासे, गुलाल व नारियल के साथ-साथ नई फसल के धान्य जैसे पके चने की बालियां और गेहूं की बालियां, गोबर से बनी ढाल और अन्य खिलौने भी लें। कच्चे सूत को होलिका के चारों ओर तीन या सात परिक्रमा करते हुए लपेटकर लोटे का शुद्ध जल व अन्य सामग्री को समर्पित कर होलिका पूजन करते हुए यह मंत्र- अहकूटा भयत्रस्तैः कृता त्वं होलि बालिशैः। अतस्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम्।| बोलें और पूजन के पश्च्यात अर्घ्य अवश्य दें ! इस प्रकार होलिका पूजन से घर में दुःख-दारिद्रय का प्रवेश नहीं होगा।
10:37 AM, 24-Mar-2024
Holika Dahan 2024: आज अशुभ भद्रा का साया, क्या होगा होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
आज भद्रा रहने के कारण होलिका दहन रात 11 बजे के बाद ही किया जाएगा। होलिका पूजा आज शाम को प्रदोष काल में करने का मुहूर्त है लेकिन होलिका दहन भद्रादोष खत्म होने के बाद ही करना उचित रहेगा। होलिका पूजा शाम 06 बजकर 24 मिनट से 06 बजकर 48 मिनट तक कर सकते हैं और होलिका दहन का मुहूर्त रात 11 बजे के बाद ही होगा। अग्नि प्रज्ज्वलन के समय भद्रा बीत चुकी हों, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि हो, तो यह अवधि सर्वोत्तम मानी गई है।
10:27 AM, 24-Mar-2024
भद्रा काल में क्यों नहीं होती होलिका दहन
होलिका दहन का मुहूर्त किसी भी अन्य त्योहार के मुहूर्त से ज्यादा महवपूर्ण और आवश्यक है, क्योंकि भद्रा सूर्यदेव की उद्दण्ड पुत्री हैं और उनकी उपस्थिति अथवा मुहूर्त में किया गया कार्य सकुशल संपन्न होने में संदेह रहता है। ब्रह्मा जी के वरदानस्वरूप इन्हें अपनी उपस्थिति में कार्य बाधा डालने से कोई नही रोक सकता। रंगवाली होली, जिसे धुलण्डी के नाम से भी जाना जाता है, होलिका दहन के पश्चात ही मनायी जाती है और इसी दिन को होली खेलने के लिये मुख्य दिन माना जाता है।
10:25 AM, 24-Mar-2024
आज होलिका दहन पर भद्रा कब से कब तक
भद्रा पूंछ- शाम 06 बजकर 33 मिनट से रात्रि 07 बजकर 53 मिनट तक
भद्रा मुख- रात्रि 07 बजकर 53 मिनट से रात्रि 10 बजकर 06 मिनट तक
10:22 AM, 24-Mar-2024
Holika Dahan 2024 Shubh Muhurat: होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
आज पूरे देशभर में होलिका दहन का त्योहार मनाया जा रहा है। वैदिक पंचांग के अनुसार होलिका दहन की तिथि आज यानी 24 मार्च को सुबह 09 बजकर 54 से शुरू हो चुकी है और जिसका समापन 25 मार्च को दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर हो जाएगी। इस बार होली पर भद्रा का साया रहेगा। आज भद्रा काल सुबह 09 बजकर 24 मिनट से शुरू हो गई है जो रात 10 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। भद्रा काल में होलिका दहन करना शुभ नहीं माना जाता है। यानी भद्रा काल के खत्म होने पर होलिका दहन किया जाएगा।
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