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Israel Hamas War Hindi News: कई हफ्तों की उठापटक के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में आखिरकार गजा पर तत्काल युद्धविराम का प्रस्ताव पास हो ही गया. सोमवार को इस प्रस्ताव पर हुई वोटिंग में 15 में से 14 सदस्यों ने फेवर में मतदान किया, जबकि अमेरिका इस वोटिंग से गैर-हाजिर रहा. इस प्रकार यह प्रस्ताव 14- 0 से पास हो गया. इस प्रस्ताव में बंधक बनाए गए इजरायल के नागरिकों को भी तत्काल बिना शर्त छोड़े जाने की मांग की गई है. परिषद के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस प्रस्ताव के पास होने पर खुशी जताई और साथ ही कहा कि इस प्रस्ताव पर सबको तुरंत अमल करना होगा, वरना वह हम सबके लिए अक्षम्य होगा.
इजरायली नागरिकों को तुरंत छोड़ने की मांग
गुटेरेस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर ट्वीट करके कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गजा पर लंबे समय से प्रतीक्षित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसमें तत्काल युद्धविराम और सभी बंधकों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की गई है. सभी पक्षों को इस संकल्प को तुरंत अमल करना चाहिए. इसमें की गई लापरवाही हम सबके लिए अक्षम्य होगी.’ इस प्रस्ताव पर हुई वोटिंग में संयुक्त राज्य अमेरिका अनुपस्थित रहा, जबकि चीन का कहना है कि ‘तत्काल’ गाजा युद्धविराम पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नए मसौदा प्रस्ताव का समर्थन करता है.
मोजाम्बिक के राजदूत ने पेश किया प्रस्ताव
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, UNSC में युद्धविराम की मांग करने वाले इस मसौदा प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र में मोजाम्बिक के राजदूत पेड्रो कोमिसारियो अफोंसो ने रखा था. प्रस्ताव पेश करते हुए उन्होंने कहा, हम इस मसौदा प्रस्ताव पर और गजा पट्टी में विनाशकारी स्थिति को समाप्त करने के लिए इस परिषद के सभी सदस्यों के प्रयासों के लिए गहरी सराहना व्यक्त करते हैं.
‘सबको जंग रोकने के लिए सामने आना होगा’
मोजाम्बिक के राजदूत ने कहा, ‘गजा की स्थिति पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता की बात है. वास्तव में, गाजा पट्टी में संघर्ष का बढ़ना और इसके विनाशकारी परिणाम अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को भी खतरा बढ़ा रहे हैं. लिहाजा अब विश्व समुदाय को इस जंग को रोकने के लिए आगे आना ही चाहिए.’
इस मसौदा प्रस्ताव को अल्जीरिया, गुयाना, इक्वाडोर, जापान, माल्टा, मोजाम्बिक, सिएरा लियोन, स्लोवेनिया, दक्षिण कोरिया और स्विट्जरलैंड ने भी समर्थन किया.
4 दिनों में दूसरी बार पेश हुआ प्रस्ताव
अल जज़ीरा ने बताया कि परिषद के स्थाई सदस्यों रूस और चीन ने तत्काल युद्धविराम का आग्रह नहीं करने वाले एक अमेरिकी प्रस्ताव को शुक्रवार को वीटो कर दिया था. इसके बाद यह परिषद के गैर- स्थाई सदस्यों ने यह प्रस्ताव फिर से पेश किया गया था और इसमें तत्काल युद्धविराम के आह्वान की लाइनें भी जोड़ी गई थीं.
अब क्या करेगा इजरायल?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पास हुए प्रस्ताव को मानना किसी भी सदस्य राष्ट्र के लिए बाध्यकारी होता है. प्रस्ताव पास होने के बाद सदस्य राष्ट्र को परिषद की ओर से निर्देश भेजे जाते हैं. अगर वह उन निर्देशों को नहीं मानता है तो उस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. अगर उसके बाद भी बात न बने तो परिषद की ओर से उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई भी की जा सकती है.
यहां फंसेगा पेंच?
परिषद में पास हुए प्रस्ताव में 7 अक्टूबर से हमास के कब्जे में कैद सभी इजरायली बंधकों को बिना शर्त छोड़ने की बात भी रखी गई है. ऐसे में अब गेंद हमास के पाले में रहेगी. अगर हमास के आतंकी इजरायली नागरिकों को नहीं छोड़ते हैं तो फिर इजरायल को भी अपनी जवाबी कार्रवाई को जायज ठहराने का मौका मिल जाएगा और ऐसी स्थिति में परिषद भी कुछ नहीं कर पाएगी. ऐसे में देखना होगा कि इस प्रस्ताव के पास होने पर अब हमास क्या रुख अपनाता है.
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