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Kangana Ranaut: ‘असल और फिल्मी दुनिया में फर्क’, कंगना पर सुप्रिया श्रीनेत के आपत्तिजनक पोस्ट पर भाजपा

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Kangana Ranaut: ‘असल और फिल्मी दुनिया में फर्क’, कंगना पर सुप्रिया श्रीनेत के आपत्तिजनक पोस्ट पर भाजपा

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कांग्रेस नेता और राष्ट्रीप प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत का मंडी से भाजपा उम्मीदवार कंगना रनौत पर एक पोस्ट करना भारी पड़ गया है। विवाद बढ़ता जा रहा है। अब भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने सुप्रिया श्रीनेत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आश्चर्य होता है कि कांग्रेस महिलाओं और कलाकारों के प्रति ऐसी सोच रखती है। असल और फिल्मी दुनिया में फर्क होता है। 

यह है मामला

गौरतलब है कि भाजपा ने बीते रविवार को लोकसभा चुनाव के अपने उम्मीदवारों की पांचवीं सूची जारी की थी। इसमें भाजपा ने घोषणा की कि हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से लोकसभा चुनाव के लिए कंगना रनौत को अपना उम्मीदवार बनाया है। उनके नाम का एलान होने के बाद कांग्रेस नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के सोशल मीडिया अकाउंट से कंगना रनौत को लेकर अभद्र पोस्ट किया गया, जिसके चलते भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर जमकर निशाना साध रहे है। हालांकि, श्रीनेत सफाई भी दे चुकी हैं। 

भाजपा सांसद का वार

मनोज तिवारी ने कहा, ‘आज हमने कांग्रेस का एक बयान सुना। भारत की एक बेटी, महिला और कलाकार के लिए। कंगना रनौत के लिए, जो मंडी से लोकसभा प्रत्याशी बनी हैं। लेकिन कांग्रेस के बयान से मैं हैरान हूं कि वह महिलाओं और कलाकारों के प्रति ऐसी घिनौनी सोच रखती है। जो अच्छे संस्कार वाले हैं, उन्हें पता है कि असल और फिल्मी दुनिया में फर्क होता है। फिल्मी दुनिया में एक कलाकार को कई भूमिकाएं निभानी होती हैं। भाजपा भारत के कलाकारों और महिलाओं का सम्मान करती है।’

 

महिलाओं का अपमान करना कांग्रेस का चरित्र बन गया: पूनावाला

भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा, ‘कल, कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और आईटी सेल की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने एक अशोभनीय पोस्ट के माध्यम से ‘नारी शक्ति’ का अपमान किया। यह सिर्फ कंगना रनौत या महिलाओं का अपमान नहीं है बल्कि यह पूरे हिमाचल प्रदेश का अपमान है। इतना समय बीतने के बाद भी कांग्रेस के किसी वरिष्ठ नेता का कोई बयान नहीं आया है। वैसे पार्टी का तथाकथित नारा है ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’। पर प्रियंका गांधी वाड्रा जी आपकी पार्टी का चलन तो ऐसा लगता है कि ‘लड़की हूं, तो क्या कांग्रेस से बच सकती हूं।’ 

 

 

उन्होंने आगे कहा, ‘महिलाओं का अपमान करना कांग्रेस का चरित्र बन गया है। वह चाहे कितने भी बहाने बना लें, लेकिन तथ्य यह है कि पोस्ट को तब तक नहीं हटाया गया जब तक हमने इस पर आपत्ति नहीं जताई। इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हम चुनाव आयोग से भी इसके खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध करते हैं।’

राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले पर दिखाई गंभीरता

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा, ‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक महिला दूसरी महिला के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रही है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इसे बहुत गंभीरता से लिया है। हमने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर पार्टी और नेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। सिर्फ एक नेता नहीं बल्कि दो नेता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ही बात कह रहे हैं और बाद में इस बात से इनकार कर रहे हैं कि उन्होंने ऐसी कोई पोस्ट की है। उन्हें कंगना से माफी मांगनी चाहिए। वे अपनी पार्टी में बड़े नेता हैं और दोनों से बेहतर आचरण की अपेक्षा की जाती है। मुझे उम्मीद है कि सोनिया जी उन दोनों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। कंगना का जवाब बहुत गरिमापूर्ण है और उन्होंने गरिमा के साथ रुख अपनाया। चुनाव आयोग को पहले ही शिकायत भेजी जा चुकी है।’

सुप्रिया श्रीनेत की सफाई

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा था, ‘जो लोग मेरे बेहद करीब रहे हैं या मेरे साथ काम किया है, उन्हें पता है कि मैं किसी भी महिला के लिए ऐसा विवादित बयान नहीं दे सकती हूं। मुझे अभी पता चला कि सोशल मीडिया पोस्ट पर मेरे नाम के कई पैरोडी अकाउंट चल रहे हैं, जिनका दुरुपयोग फर्जी पोस्ट करने के लिए किया जा रहा है। @Supriyaparody नाम से एक अकाउंट चलाया जा रहा है, जहां से कुछ अराजक तत्वों ने इस घृणित कृत्य को अंजाम दिया। हालांकि मैंने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखा दी है।’

कंगना रनौत का हमला

कंगना ने सुप्रिया की पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए एक्स पर लिखा था, ‘प्रिय सुप्रिया जी, मैंने एक कलाकार के रूप में अपने करियर के पिछले 20 वर्षों में हर तरह की महिल किरदार निभाए हैं। क्वीन में एक भोली-भाली लड़की से लेकर धाकड़ में जासूस तक, मणिकर्णिका में एक देवी से लेकर चंद्रमुखी में राक्षस तक। रज्जो में एक प्रॉस्टिट्यूट से लेकर थलाइवी में एक क्रांतिकारी नेत्री तक। हमें अपनी बेटियों को पूर्वाग्रहों के बंधनों से मुक्त करना चाहिए। हमें उनके शरीर के अंगों के बारे में जिज्ञासा रखने से ऊपर उठना चाहिए। साथ ही, हमें यौनकर्मियों के चुनौतीपूर्ण जीवन या परिस्थितियों को लेकर इस प्रकार के अपशब्दों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। हर महिला अपनी गरिमा की हकदार होती है…।”



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