Home Breaking News CJI को वकीलों के पत्र पर PM मोदी: ‘दूसरों को डराना कांग्रेस की पुरानी संस्कृति’; 140 करोड़ भारतीयों ने ठुकराया

CJI को वकीलों के पत्र पर PM मोदी: ‘दूसरों को डराना कांग्रेस की पुरानी संस्कृति’; 140 करोड़ भारतीयों ने ठुकराया

0
CJI को वकीलों के पत्र पर PM मोदी: ‘दूसरों को डराना कांग्रेस की पुरानी संस्कृति’; 140 करोड़ भारतीयों ने ठुकराया

[ad_1]

Lawyers Letter to CJI Chandrachud PM Modi hits Congress vintage culture to bully browbeat

पीएम मोदी ने चीफ जस्टिस को वकीलों के पत्र लिखने के मामले में कांग्रेस को आड़े हाथों लिया
– फोटो : amar ujala graphics

विस्तार


सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को देशभर के प्रमुख वकीलों ने पत्र लिखा है। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल पर पत्र की कॉपी को रिपोस्ट कर लिखा कि दूसरों को डराना-धमकाना कांग्रेस की पुरानी संस्कृति है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, लगभग 50 साल पहले कांग्रेस ने बेशर्मी से अपने स्वार्थों को दुनिया के सामने रखा था। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी देश के प्रति किसी भी तरह से प्रतिबद्ध होना नहीं चाहती।

कांग्रेस को 140 करोड़ भारतीय अस्वीकार कर रहे हैं

पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, पांच दशक पहले ही कांग्रेस पार्टी ने ‘प्रतिबद्ध न्यायपालिका’ (Committed Judiciary) का जिक्र किया था। उन्होंने कहा, वे (कांग्रेस) बेशर्मी से अपने स्वार्थों के लिए दूसरों से प्रतिबद्धता तो चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी राष्ट्र के प्रति किसी भी प्रतिबद्धता से बचती है। प्रधानमंत्री ने कहा, अब कोई आश्चर्य नहीं कि 140 करोड़ भारतीय उन्हें अस्वीकार कर रहे हैं।

सीजेआई चंद्रचूड़ को 600 वकीलों ने लिखा पत्र

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री के बयान से पहले देशभर के लगभग 600 मशहूर वकीलों ने चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखा। पत्र लिखने वालों में वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे से लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा सरीखे कद्दावर अधिवक्ताओं के नाम शामिल हैं। इन वकीलों ने चिट्ठी में न्यापालिका की अखंडता पर खतरे को लेकर चिंता जताई है। इन वकीलों का कहना है कि कुछ ‘खास समूह’ न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं और कोर्ट के फैसलों पर असर डाल रहे हैं।

‘कुछ वकीलों की जजों को प्रभावित करने की कोशिश’

आधिकारिक सूत्रों द्वारा साझा किए गए पत्र में बिना नाम लिए वकीलों के एक वर्ग पर निशाना साधा गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि वे दिन में नेताओं का बचाव करते हैं और फिर रात में मीडिया के जरिए जजों को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। ‘न्यायपालिका पर खतरा: राजनीतिक और पेशेवर दबाव से न्यायपालिका को बचाना’ शीर्षक वाली इस चिट्ठी में 600 से ज्यादा वकीलों के नाम हैं। इनमें आदिश अग्रवाल, चेतन मित्तल, पिंकी आनंद, हितेश जैन, उज्ज्वला पवार, उदय होला और स्वरूपमा चतुर्वेदी जैसे अन्य प्रमुख नाम भी शामिल हैं। यहां पढ़ें पूरा पत्र




[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here