Home World Tamil Nadu: 17 महीने पहले रिहा हुए थे राजीव गांधी हत्याकांड के सभी दोषी, आज तीन श्रीलंका पहुंचे

Tamil Nadu: 17 महीने पहले रिहा हुए थे राजीव गांधी हत्याकांड के सभी दोषी, आज तीन श्रीलंका पहुंचे

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Tamil Nadu: 17 महीने पहले रिहा हुए थे राजीव गांधी हत्याकांड के सभी दोषी, आज तीन श्रीलंका पहुंचे

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Rajiv Gandhi Case Convicts Leave India: राजीव गांधी हत्याकांड के तीनों दोषी बुधवार को श्रीलंका लौट गए. तीनों दोषी श्रीलंकाई नागरिक हैं. विदेश विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मुरुगन उर्फ श्रीहरन, जयकुमार और रॉबर्ट पायस श्रीलंका के एक विमान से अपने श्रीलंका रवाना हुए. सुप्रीम कोर्ट ने इस हत्याकांड के मामले में नवंबर 2022 को सात दोषियों को रिहा किया था, जिसमें ये तीनों श्रीलंकाई नागरिक भी शामिल थे. दोषियों की रिहाई के बाद उन्हें तिरुचिरापल्ली में एक विशेष शिविर में रखा गया था. वे कल रात यहां पहुंचे और आज (बुधवार) कोलंबो के लिए रवाना हुए.

मद्रास हाईकोर्ट पहुंचा था मामला

तमिलनाडु सरकार ने पूर्व में मद्रास उच्च न्यायालय को सूचित किया था कि विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) द्वारा निर्वासन आदेश जारी करने के बाद वे (सभी दोषी) घर वापस जा सकते हैं. चेन्नई स्थित श्रीलंकाई उच्चायोग पहले ही उन्हें (दोषियों को) घर लौटने के लिए यात्रा दस्तावेज जारी कर चुका है. मामले में दोषी ठहराए गए एक अन्य श्रीलंकाई नागरिक संथन की हाल ही में यहां मौत हो गई थी.

इस मामले में जिन अन्य लोगों को दोषी ठहराया गया और रिहा किया गया वे सभी भारतीय हैं. रिहा किये गये दोषियों में पेरारिवलन, रविचंद्रन और नलिनी शामिल हैं. सभी सातों दोषियों ने 30 वर्षों से अधिक समय जेल में बिताया था.

मुरगन सीधे ब्रिटेन जाना चाहता था लेकिन पहले कोलंबो गया

मुरगन ने इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट में याचिका लगाकर कहा था कि उसने ब्रिटेन में शरण मांगी है. वो अपनी बेटी मेहरा से मिलना चाहता है, जो वहां की नागरिक है. 28 फरवरी को संथन की मौत के बाद, मुरुगन ने चेन्नई स्थित श्रीलंकाई उप उच्चायोग से यात्रा दस्तावेजों के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था. तीनों को 13 मार्च को डिप्टी कमीशन ले जाया गया था. वहां मुरुगन ने कहा था कि श्रीलंका में उनकी जान को खतरा है इसलिए वो ब्रिटेन में शरण मांग रहा है. इसलिए भारत से सीधे ब्रिटेन जाने की मंजूरी पाने की कोशिशें जारी हैं. उसने पत्नी नलिनी जो भारतीय मूल की नागरिक है, उन्होंने यूके के वीजा के लिए आवेदन किया है. नलिनी का वीजा इंटरव्यू हो चुका है और वो ब्रिटिश हाईकमीशन के फैसले का इंतजार कर रही है. वहीं मुरुगन का मामला इसलिए अटक गया था क्योंकि उनके पास जरूरी यात्रा दस्तावेज नहीं थे.

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