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औषधीय प्रजाति बिरमी
– फोटो : संवाद
विस्तार
हिमालय की ठंडी और नम जलवायु में पाई जानी वाली औषधीय प्रजाति बिरमी खतरे में है। कैंसर के इलाज में सहायक यह सदाबहार औषधीय पौधा हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, ननखड़ी, रामपुर और गोपालपुर इलाके में पाया जाता है। पर्यावरण में बदलाव, अत्याधिक अवैध कटान, दवाइयों के लिए ज्यादा इस्तेमाल होने और इसके बीज जल्द तैयार न होने के चलते यह प्रजाति खतरे में आ गई है। जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण एवं सतत विकास अनुसंधान संस्थान ने इस पर शोध किया, जिसमें ये कारण सामने आए हैं। इस प्रजाति पर संकट के चलते इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (आईयूसीएन) ने इसे संकटग्रस्त प्रजातियों की लाल सूची में शामिल किया है।
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