Home World Israel Hamas War: गाजा में UN के 7 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत पर इजरायल की फजीहत, डैमेज कंट्रोल के लिए उठाया ये कदम

Israel Hamas War: गाजा में UN के 7 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत पर इजरायल की फजीहत, डैमेज कंट्रोल के लिए उठाया ये कदम

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Israel Hamas War: गाजा में UN के 7 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत पर इजरायल की फजीहत, डैमेज कंट्रोल के लिए उठाया ये कदम

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Israel Hamas War Hindi News: इजरायल-हमास का युद्ध शुरू हुए 6 महीने से ज्यादा हो चुके हैं. इस हमले में इजरायल के करीब 1500 और गजा के करीब 30 हजार लोग मारे जा चुके हैं. इसके बावजूद न तो हमास, इजरायल के युद्धबंदियों को छोड़ने को राजी है और न ही इजरायल उस पर हमला बंद करने से. गुस्से की आग में धधक रहा इजरायल उस पर ताबड़तोड़ हमले कर रहा है, जिससे जनहानि का ग्राफ भी लगातार बढ़ रहा है. उसके ऐसे ही एक ड्रोन हमलों में यूएन के 7 सहायता कर्मी भी मारे गए हैं. इस घटना के बाद इजरायली आर्मी की प्रतिक्रिया सामने आई है.

‘दुखद घटना, जो नहीं होनी चाहिए थी’

इजरायली आर्मी ने घटना पर अफसोस प्रकट किया है. इसके साथ ही घटना की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह एक दुखद घटना थी, जो नहीं होनी चाहिए थी. इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए इजरायली आर्मी ने हमले का आदेश देने में शामिल अपने 2 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. साथ ही उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए केस एडवोकेट जनरल के सुपुर्द किया गया है. सेना ने तीन अन्य अधिकारियों को इस संबंध में चेतावनी दी है. इन हमलों में सात सहायता कर्मियों की मौत हो गई थी. 

‘सुनिश्चित करेंगे, दोबारा ऐसा न हो’

सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हगारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘यह एक त्रासदी और गंभीर घटना है, जिसके लिए हम जिम्मेदार हैं और ऐसा नहीं होना चाहिए था. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसा दोबारा न हो.’ सेना के अधिकारियों ने कहा कि इजराइली सेना के नियमों के अनुसार, लक्ष्य पर हमला करने से पहले उसकी खतरे के रूप में पहचान की जानी चाहिए.

2 अफसर सेना से किए गए बर्खास्त

हगारी ने कहा कि कर्नल और मेजर को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि तीन अन्य अधिकारियों को चेतावनी दी गई है. उन्होंने कहा कि जांच के नतीजे सेना के ‘एडवोकेट जनरल’ को सौंप दिए गए हैं, जो यह तय करेंगे कि हत्याओं में शामिल अधिकारियों या किसी अन्य को सजा मिलनी चाहिए या मुकदमा चलाया जाना चाहिए. 

अनुशासनहीनता पर हुआ एक्शन

उन्होंने बताया कि इन अधिकारियों ने गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग करके सेना के नियमों का उल्लंघन किया था. लिहाजा इनके खिलाफ अनुशासनहीता के आरोप में कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि सेना में मानवाधिकारों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बताते चलें कि फलस्तीनियों, सहायता समूहों और मानवाधिकार संगठनों ने कई बार इजराइली बलों पर नागरिकों पर लापरवाही से गोलीबारी करने का आरोप लगाया है. हालांकि इजरायल इस आरोप से इनकार करता रहा है. 

(एजेंसी भाषा)

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