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'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- अलबेला, जिसका अर्थ है- बाँका, अनोखा, सुंदर, अल्हड़, मनमौजी। प्रस्तुत है हरिवंश राय बच्चन की मधुशाला से चुनिंदा अंश
बड़े बड़े परिवार मिटें यों, एक न हो रोने वाला,
हो जाएं सुनसान महल वे, जहां थिरकतीं सुरबाला,
राज्य उलट जाएं, भूपों की भाग्य सुलक्ष्मी सो जाए,
जमे रहेंगे पीने वाले, जगा करेगी मधुशाला।।
सब मिट जाएं, बना रहेगा सुन्दर साकी, यम काला,
सूखें सब रस, बने रहेंगे, किन्तु, हलाहल औ' हाला,
धूमधाम औ' चहल पहल के स्थान सभी सुनसान बनें,
जगा करेगा अविरत मरघट, जगा करेगी मधुशाला।।
बुरा सदा कहलायेगा जग में बाँका, चंचल प्याला,
छैल छबीला, रसिया साकी, अलबेला पीनेवाला,
पटे कहाँ से, मधुशाला औ' जग की जोड़ी ठीक नहीं,
जग जर्जर प्रतिदन, प्रतिक्षण, पर नित्य नवेली मधुशाला।।
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9 hours ago
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