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Gravitational Wave Signal: वैज्ञानिकों ने 650 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर दो ब्लैक होल के टकराव से गुरुत्वाकर्षण तरंगों का सिग्नल का पता लगाया है. यह पहली बार है जब वैज्ञानिकों ने ब्लैक होल के टकराव से गुरुत्वाकर्षण तरंगों का सीधा पता लगाया है. असल में वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में यह बड़ी खोज की है! उन्होंने गुरुत्वाकर्षण तरंगों का एक संकेत पकड़ा है, जिसे GW230529 नाम दिया गया है. यह संकेत मई 2023 में लिगो लिविंगस्टन नाम के एक विशेष यंत्र द्वारा देखा गया था. यह तरंग दूर अंतरिक्ष में दो बहुत बड़े पिंडों के टकराने से पैदा हुई है. ये पिंड बहुत ज़्यादा भारी तारे हो सकते हैं या फिर ब्लैक होल भी हो सकते हैं.
आइंस्टीन के गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत के अनुसार, जब बहुत ज़्यादा भारी चीज़ें अंतरिक्ष में घूमती हैं या टकराती हैं, तो वो गुरुत्वाकर्षण तरंगें पैदा करती हैं. ये तरंगें प्रकाश की गति से चलती हैं और वैज्ञानिकों को यह बताती हैं कि अंतरिक्ष में क्या हो रहा है. कई बार ऐसी घटनाएं होती हैं जिन्हें हम देख नहीं पाते, मगर गुरुत्वाकर्षण तरंगों की मदद से वैज्ञानिक उन्हें समझ सकते हैं.
सोचने पर मजबूर कर दिया है कि..
GW230529 नाम की इस घटना में एक बहुत घना तारा (न्यूट्रॉन तारा) और दूसरा ऐसा पिंड शामिल था जिसका द्रव्यमान (वजन) न्यूट्रॉन तारे और ब्लैक होल के बीच में था. इस खोज ने वैज्ञानिकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अंतरिक्ष में पहले से सोची गई बातों के अलावा भी बहुत कुछ हो सकता है.
पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से खरबों गुना ज़्यादा..
न्यूट्रॉन तारे सूर्य से 1.4 से 2 गुना ज्यादा द्रव्यमान रखते हैं और इनका घनत्व बहुत ज़्यादा होता है. इनके आसपास का चुंबकीय क्षेत्र पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से खरबों गुना ज़्यादा ताकतवर होता है. यही वजह है कि वैज्ञानिक इनका अध्ययन करके यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि अंतरिक्ष में किन अजीब चीज़ों का पाया जाना संभव है.
ब्लैक होल के बीच टक्कर..
ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉक्टर जेस मैकइवर ने इस खोज के बारे में बताया है. उनका कहना है कि “यह खोज बताती है कि न्यूट्रॉन तारों और कम द्रव्यमान वाले ब्लैक होल के बीच टक्कर पहले से सोचे गए से कहीं ज्यादा आम हो सकती है.”
यह पहली बार है जब
GW230529 की खास बात यह है कि यह पहली बार है जब वैज्ञानिकों ने गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगाया है जिसमें एक न्यूट्रॉन तारे के साथ-साथ “मास गैप” (द्रव्यमान अंतराल) वाला पिंड भी शामिल है. यह खोज वैज्ञानिकों के लिए बहुत उत्साहजनक है.
हालांकि GW230529 का पता लगाना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन यह पता लगा पाना मुश्किल है कि यह संकेत वास्तव में अंतरिक्ष में कहाँ से आया है. यह संकेत पृथ्वी से 650 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर पाया गया था और गौर करने वाली बात यह है कि खोज शुरू होने के सिर्फ पाँच दिन बाद ही यह संकेत मिल गया था.
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