[ad_1]
Sierra Leone has declared an emergency over the use of the drug kush: पश्चिमी अफ़्रीकी देश सिएरा लियोन अपने देश को बचाने के लिए मजबूर होकर देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है. इन दिनों देश में खासकर 18 से 25 साल की उम्र के लोगों का जीवन तहस नहस है. इसके पीछे एक सबसे बड़ी वजह सामने निकलकर आई- ‘कुश’. आइए जानते हैं क्या है कुश, क्यों देश में मचा हाहाकार.
क्या है ‘कुश’
इंसान की हड्डियों से तैयार की गई”कुश” नाम की इस नशीले मिश्रण ने पूरे देश में खौफ पैदा कर दिया है. यही वजह है लोग कब्रों को खोदकर इंसानों की हड्डियों की चोरी कर रहे हैं. जिसके बाद कब्रिस्तानों की सुरक्षा देश में चिंता का विषय बन गया.
कैसे बनाते हैं कुश
कुश काढ़ा जैसे होता है. देश में इसकी खफत लोग नशे के तौर पर करते हैं. इसमें जड़ी-बूटियों के अलावा भांग के साथ कीटाणुनाशक दवाओं को मिलाया जाता है. इसका नशा बहुत गहरा होता है. यही वजह है नशे के आदी लोग इसे खूब मात्रा में पीते हैं. इसमें जो सबसे खतरनाक तत्व है वह है सल्फर. सल्फर के लिए इंसानों की हड्डियों का उपयोग होता है. सल्फर की इतनी मांग बढ़ी कि तस्करी होने लगी. नशे में गिरफ्त लोग चोरी करने लगे. उन्हें हर हाल में कुश चाहिए. कुश को बनाने के लिए इंसानों की हड्डियों की तस्करी हो रही है. और लोग कब्रों में से लाशों को खोद ले जा रहे हैं.
कब्रों में लाश की चोरी
कथित तौर पर नशेड़ियों, आपूर्तिकर्ताओं और डीलरों ने दवा बनाने के लिए फ़्रीटाउन में कब्रें खोदना और कब्रिस्तानों से हड्डियाँ निकालना शुरू कर दिया है. इसमें मौजूद अत्यधिक मात्रा और जहरीले रसायनों के कारण यह खतरा हर महीने दर्जनों लोगों की जान ले रहा है.
राष्ट्रपति का संबोधन
राष्ट्रपति बायो ने एक राष्ट्रव्यापी संबोधन में नशीली दवाओं की महामारी को अस्तित्व के लिए खतरा बताते हुए एक सख्त चेतावनी जारी की: “हमारा देश नशीली दवाओं के दुरुपयोग, विशेष रूप से घातक सिंथेटिक ड्रग कुश के संकट से गंभीर संकट का सामना कर रहा है.”
डॉक्टरों ने बताया कुश का प्रभाव
डॉक्टरों की रिपोर्ट की माने तो कुश का असर शरीर के जरूरी अंगों जैसे दिल, दिमाग, लीवर, किडनी और फेफड़ों पर सीधे पड़ता है जिसकी वजह से नशा करने वाले की कभी भी मौत हो सकती है. देश में कुश का नशा करने वाले सैकड़ों नौजवानों की पहले ही मौत हो चुकी है. पिछले तीन साल में यहां के अस्पतालों में इस नशे से बीमार होकर भर्ती होने वाले नौजवानों की तादाद 4000 फीसदी बढ़ी है. खतरे को देखते हुए सरकार ने इमरजेंसी का ऐलान कर दिया है. और इंसानी हड्डियों की चोरी रोकने के लिये कब्रिस्तानों के बाहर पुलिस का पहरा बैठा दिया है.
कुश की कीमत
कुश का नशा बेहद सस्ता है. महज 800 रुपये का नशा उनको दिन भर पस्त रखने के लिये काफी है. हालांकि गरीबी के चलते इस देश की औसतन सालाना आमदनी भी महज 42 हजार रुपए ही है. इसी वजह से सिएरा लिओन की सरकार ने ड्रग्स के इस्तेमाल से नौजवानों के बचाव और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिये अब एक नेशनल टास्क फोर्स बनाई है.
.
[ad_2]
Source link