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भारतीय फिल्म संगीत में कंप्यूटरों के जरिये पहला गाना रिकॉर्ड करने वाले दक्षिण भारत के मशहूर संगीतकार इलैयाराजा की बायोपिक बननी शुरू हो गई है और ये संयोग ही है कि उनकी लाई तकनीक के बाद संगीत को लेकर तमाम दूसरे तकनीकी प्रयोग भी सबसे पहले दक्षिण भारतीय सिनेमा में ही हुए। संगीतकार ए आ रहमान के बाद ऑस्कर विजेता संगीतकार एम एम कीरावणी (एम एम क्रीम) ने भी फिल्मों में एआई (कृत्रिम मेधा) के जरिये नए गाने रचने शुरू कर दिए हैं और हिंदी सिनेमा से चौंकाने वाली खबर ये है कि एक नई फिल्म में जल्द ही दिग्गज गायक मोहम्मद रफी की आवाज में एक नया गाना इसी तकनीक की मदद से तैयार किए जाने की तैयारी चल रही है।
नई फिल्मों के गाने तैयार करने के लिए एआई के इस्तेमाल के दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रयोग हालांकि बहुत सफल नहीं रहे हैं लेकिन इनकी मुंबई में इन दिनों चर्चा खूब है। एआई से फिल्म ‘लाल सलाम’ के लिए संगीतकार ए आर रहमान ने दिवंगत गायकों बंबा बाक्या और शाहुल हमीद की आवाजों में एक गाना तैयार किया। रहमान ने इसके लिए दोनों के परिवारों से अनुमति भी ली लेकिन, संगीत के सुधी श्रोताओं को ये प्रयोग पसंद नहीं आया।
दक्षिण भारतीय सिनेमा में एआई के प्रयोग से गाना बनाने की स्वीकारोक्ति भले ए आर रहमान ने सबसे पहले की हो लेकिन उसके पहले फिल्म ‘हाय नन्ना’ के लिए हेशाम अब्दुल वहाब ने इसका इस्तेमाल किया था। इसके बारे में ज्यादा चर्चा नहीं हुई। लेकिन, सबसे ज्यादा विरोध दक्षिण में एआई के जिस इस्तेमाल का हुआ, वह रहा ‘कीड़ा कोला’ के लिए दिवंगत गायक एस पी बालासुब्रमण्यम की आवाज का इस्तेमाल। अब ऑस्कर विजेता एम एम कीरावणी ने अपनी फिल्म ‘लव मी इफ यू डेयर’ के लिए एआई का इस्तेमाल किया है।
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