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गाजीपुर में कांटे की लड़ाई
– फोटो : अमर उजाला
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भाजपा ने उत्तर प्रदेश की बहुचर्चित गाजीपुर सीट से पारस नाथ राय को उतारा है। भाजपा ने अफजाल अंसारी को पटखनी देने के लिए पारस नाथ राय को टिकट देकर गाजीपुर, घोसी, बलिया, आजमगढ़ और बनारस के भूमिहारों को साधा है। इसे भगवा पार्टी के एक तीर से कई निशाने साधने वाले तुरुप के इक्के के तौर पर देखा जा रहा है। पारस नाथ राय संघ के पुराने कार्यकर्ता हैं। वहीं वह जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के सभी चुनावों में चुनावी प्रबंधक की भूमिका निभाते रहे हैं। पारस के मैदान में उतरते ही गाजीपुर में लड़ाई कांटे की हो गई है।
मनोज सिन्हा ने मांगी थी उपराज्यपाल पद से छुट्टी
हालांकि, गाजीपुर की लोकसभा सीट पर पहला दावा जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा का बनता है। वह इस क्षेत्र से तीन बार सांसद चुने गए हैं। पिछले साल से इस सीट पर उनके पुत्र अनुभव सिन्हा का नाम प्रमुखता से चल रहा था। मनोज सिन्हा खुद गाजीपुर और बनारस से बराबर लगाव और आना जाना रखते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तीन साल पूरे होने के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल पद से छुट्टी मांगी थी। तब सिन्हा के मन में गाजीपुर से 2024 के लिए तैयारी करने का विचार था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें जम्मू-कश्मीर में इतिहास बनाने की जिम्मेदारी संभालते रहने की सलाह दी थी। प्रधानमंत्री नहीं चाहते थे कि मनोज सिन्हा इस महत्वपूर्ण दायित्व को छोड़ें।
काफी समय से चल रही थी गाजीपुर सीट पर तैयारी
भाजपा के बनारस और गाजीपुर के सूत्र बताते हैं कि गाजीपुर सीट से 2019 में अफजाल अंसारी चुनाव जीत गए थे। जबकि साल 2014 से 2019 तक के कार्यकाल में मनोज सिन्हा का नाम गाजीपुर में विकास पुरुष के रूप में लिया जाने लगा था। वह 13वीं लोकसभा के बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले सांसदों में रहे हैं। राष्ट्रीय मीडिया में भी 2014 की उनकी हार चर्चा का विषय बन गई थी। कहा जाता है कि गाजीपुर सीट की हार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी हैरान किया था। लिहाजा 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने तरीके से मोहरे बिछाए थे। सुभासपा के ओम प्रकाश राजभर, भाजपा छोड़ कर गए दारा सिंह चौहान की भी एनडीए और भाजपा में घर वापसी सुनिश्चित की गई। दोनों नेताओं को भाजपा ने मान भी दिया। तब से इसके प्रबल कयास थे कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल पद से इस्तीफा देकर मनोज सिन्हा गाजीपुर ले चुनाव लड़ सकते हैं।
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