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Russia Destroys Power Plant: रूस ने गुरुवार तड़के यूक्रेन के कीव क्षेत्र में स्थित सबसे बड़े बिजली संयंत्र को मिसाइल हमले से पूरी तरह से नष्ट कर दिया. राजधानी से लगभग 45 किलोमीटर (28 मील) दक्षिण में स्थित ट्रिपिल्स्का संयंत्र पर छह मिसाइलों से हमला किया गया. हमले ने संयंत्र के टरबाइन हॉल में आग लगा दी, जिससे बिजली उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया है.
यह हमला रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए व्यापक मिसाइल हमलों का हिस्सा था, जिसमें पांच क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया. रूसी सेना ने युद्धग्रस्त देश की वायु रक्षा में अंतराल का फायदा उठाकर यह हमला किया. रूस पिछले कुछ हफ्तों से यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्र में अपनी सेना को मजबूत कर रहा है और आशंका है कि वह जल्द ही इस क्षेत्र में बड़ा हमला कर सकता है.
यूक्रेन के लिए बड़ा झटका
ट्रिपिल्स्का संयंत्र यूक्रेन के लिए बिजली का एक महत्वपूर्ण स्रोत था और इसके नष्ट होने से देश में बिजली की कमी हो सकती है. यह हमला यूक्रेन के लिए एक बड़ा झटका है, जो पहले से ही रूसी आक्रमण से जूझ रहा है.
हवाई हमले में बुनियादी ढांचे को नुकसान: रूसी सेना ने ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल करते हुए यूक्रेन के पांच क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया. इस हमले में कई बिजली स्टेशनों, रेलवे लाइनों और पुलों को नुकसान पहुंचा है.
कीव से 45 किलोमीटर दूर स्थित: ट्रिपिल्स्का बिजली संयंत्र कीव से लगभग 45 किलोमीटर (28 मील) दक्षिण में स्थित है. यह संयंत्र यूक्रेन की कुल बिजली उत्पादन क्षमता का लगभग 10% हिस्सा प्रदान करता था.
पुतिन की सेना का नया हमला: यह हमला रूसी सेना द्वारा यूक्रेन पर किए गए नए सिरे से हमलों का हिस्सा है. पिछले कुछ दिनों में रूसी सेना ने यूक्रेन के पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में कई हमले किए हैं. इस हमले का यूक्रेन की बिजली आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा. इससे राजधानी कीव और आसपास के क्षेत्रों में बिजली कटौती हो सकती है.
परमाणु संयंत्र पर भी खतरा बना हुआ
इसी बीच यूक्रेन में स्थित ज़ापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र, जो यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र है, उस पर भी हाल ही में ड्रोन हमला हुआ. इस हमले में विस्फोट हुए. हालांकि इस पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने कहा है कि संयंत्र की सुरक्षा को फिलहाल कोई खतरा नहीं है, लेकिन एजेंसी ने यह भी चेतावनी दी है कि संयंत्र की स्थिति “बेहद गंभीर” बनी हुई है क्योंकि यह लगातार दोनों ओर से होने वाली गोलाबारी की चपेट में आ रहा है. यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि किसी भी तरह की क्षति गंभीर परिणाम ला सकती है.
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