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Iran Israel Relations: हमेशा से खराब नहीं थे ईरान-इजराइल के रिश्ते, 44 साल पहले क्या हुआ जो दुश्मन बन गए

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Iran Israel Relations: हमेशा से खराब नहीं थे ईरान-इजराइल के रिश्ते, 44 साल पहले क्या हुआ जो दुश्मन बन गए

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Iran Israel Conflict Reason: ईरान (Iran) और इजराइल (Israel) दोनों के बीच टेंशन एक बार फिर से बढ़ गई है. इजराइल पर ईरान ने ड्रोन, बैलिस्टिक मिसाइल और क्रूज मिसाइलों से हमला कर दिया. ईरान ने इजराइल के नवातिम एयरबेस पर अटैक किया. लेकिन इसके बावजूद इजराइल का ज्यादा कुछ नहीं बिगड़ा. इजराइली सेना ने दावा किया कि करीब 99 फीसदी ड्रोन और मिसाइलों को इजराइल की सीमा में घुसने से पहले ही तबाह कर दिया गया. ये पहली बार है कि जब ईरान ने इजराइल पर सीधा हमला किया है. 1979 तक ईरान और इजराइल के संबंध भी बहुत अच्छे थे. आइए समझते हैं कि 1979 के बाद ऐसा क्या हुआ, जिससे ईरान और इजराइल के संबंध बिगड़ते चले गए.

ईरान-इजराइल में जंग जैसे हालात?

इस वक्त ईरान और इजराइल के बीच जंग जैसे हालात हैं. दरअसल, 1 अप्रैल को सीरिया में ईरानी एंबेसी के पास अटैक हुआ था और उसमें ईरान के 2 टॉप कमांडर मारे गए थे. इसके अलावा 13 अन्य लोग भी मारे गए थे. इस हमले का आरोप ईरान ने इजराइल पर लगाया था और सबक सिखाने की बात कही थी. इसी के बाद ईरान ने इजराइल पर ड्रोन और मिसाइल से अटैक किया.

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जब करीब हुआ करते थे ईरान और इजराइल

गौरतलब है कि इजराइल और ईरान में रिश्ते हमेशा से इतने खराब नहीं था. 1979 तक दोनों देश अच्छे संबंध रखते थे. ईरान तो तुर्की के बाद दूसरा मुस्लिम बहुल देश था जिसने इजराइल के साथ संबंध स्थापित किए थे. लेकिन 1979 में जब ईरान में इस्लामिक क्रांति हुई तो ईरान ने इजराइल से अपने रिश्ते खत्म कर लिए. तब से लेकर आज तक ईरान और इजराइल दोस्त नहीं बन पाए. ईरान ने इससे पहले कभी सीधे तो इजराइल पर हमला नहीं किया था लेकिन साथियों के जरिए इजराइल की मुश्किलें जरूर बढ़ाई हैं.

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कैसे खराब हुए ईरान-इजराइल के रिश्ते?

ईरान में इस्लामिक क्रांति आने के बाद अयातुल्लाह खामेनेई देश के सुप्रीम लीडर बने. उन्होंने इजराइल को छोटा शैतान और अमेरिका को बड़ा शैतान तक कह डाला. खामेनेई ने ये भी आरोप लगाया कि ये दोनों देश इलाके में हस्तक्षेप करने की कोशिश करते हैं. 1979 से पहले जिस ईरान के इजराइल से अच्छे रिश्ते थे वह अयातुल्लाह खामेनेई के आने के बाद इजराइल को फिलीस्तीन की जमीन पर कब्जा करने वाला मानने लगा.

किसकी सैन्य ताकत है ज्यादा?

ईरान और इजराइल की ताकत की बात करें तो इजराइल की सेना में 1 लाख 73 हजार सैनिक हैं. वहीं ईरान की आर्मी में 5 लाख 75 हजार एक्टिव जवान हैं. हवाई ताकत में इजराइल आगे है. इजराइल की एयरफोर्स में 612 प्लेन हैं तो ईरान के पास 551 प्लेन ही हैं. टैंक के मामले में ईरान मजबूत है. उसके पास इजराइल से करीब दोगुना टैंक हैं. इजराइल के पास 2200 तो ईरान के पास 4000 से ज्यादा टैंक हैं. युद्धपोत में भी ईरान आगे है. इजराइल के पास 67 तो ईरान के पास 101 युद्धपोत हैं. वहीं, इजराइल के पास 43 हजार तो ईरान के पास 65 हजार बख्तरबंद गाड़ियां हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइल के पास करीब 80 परमाणु बम हैं. लेकिन ईरान आधिकारिक तौर पर परमाणु संपन्न देश नहीं है.

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