Home Breaking News UPSC Result : पिछले साल की टॉपर इशिता किशोर का अनुभव जानें- रिजल्ट के बाद एक वर्ष में कहां-क्या सीखते हैं IAS

UPSC Result : पिछले साल की टॉपर इशिता किशोर का अनुभव जानें- रिजल्ट के बाद एक वर्ष में कहां-क्या सीखते हैं IAS

0
UPSC Result : पिछले साल की टॉपर इशिता किशोर का अनुभव जानें- रिजल्ट के बाद एक वर्ष में कहां-क्या सीखते हैं IAS

[ad_1]

UPSC Result : UPSC Topper Ishita Kishore interview, what will do aditya srivastava other ias officer selected

यूपीएससी 2022 की टॉपर इशिता किशोर।
– फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार


मंगलवार को संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2023 का अंतिम परिणाम जारी किया। लखनऊ के आदित्य श्रीवास्तव पिछली बार भारतीय पुलिस सेवा के लिए चुने गए थे। ट्रेनिंग का सिलसिला खत्म होने से पहले ही अब वह अखिल भारतीय स्तर पर टॉप करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसर बनने के लिए चुन लिए गए हैं। आदित्य श्रीवास्तव इस बार के टॉपर हैं। उन्होंने आईपीएस की ट्रेनिंग ली, अब आईएएस की लेंगे। ऐसे में ‘अमर उजाला’ ने सिविल सेवा परीक्षा 2022 में अखिल भारतीय स्तर पर टॉप रहीं इशिता किशोर से उनके अनुभवों पर बात की। आदित्य ने भी शुरुआत तीन महीने लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन में ट्रेनिंग ली होगी, लेकिन फिर वह सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी चले गए होंगे। इशिता ने लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन से अबतक, करीब एक साल के सफर को साझा किया।

यूपी में पोस्टिंग से पहले क्या हुई ट्रेनिंग

इशिता किशोर की पोस्टिंग यूपी में हुई है। वह कहती हैं- “लोकसभा चुनाव के बीच काफी कुछ सीखने को मिल रहा है। लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकेडमी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन (LBSNAA) में ट्रेनिंग के दौरान काफी कुछ सीखने को मिला। उत्तराखंड के मसूरी में स्थित है इस ट्रेनिंग अकेडमी में कड़े नियमों का पालन करना पड़ता है। यहां इंडियन सिविल सर्वेन्ट्स के अलावा बांग्लादेश, भूटान, मालदीव्स और म्यंमार के कुछ सिलेक्टेड सिविल सर्वेन्ट्स की भी ट्रेनिंग होती है। ये सभी अंतरराष्ट्रीय सिविल सेवक अपने भारतीय समकक्षों के साथ पहले तीन महीने के फाउंडेशन कोर्स प्रशिक्षण में भाग लेते हैं। इशिता ने बताया कि LBSNAA का अनुभव काफी बेहतर रहा। ट्रेनिंग के लिए आने वालों को शारीरिक और मानसिक फिटनेस को मजबूत कराया जाता है। रूरल डेवलपमेंट, एग्रीकल्चर और इंडस्ट्री डेवलपमेंट की ट्रेनिंग होती है। यहां सभी को पोस्टिंग मिलने से पहले हर क्षेत्र में सक्षम बनाया जाता है।”

सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन पढ़ाई से रही थीं सफल

इशिता किशोर ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता को भी याद किया। उन्होंने बताया कि “ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प काफी बेहतर है। अगर आप सही तरह और दृढ़संकप के साथ पढ़ाई करते हो तो आप सफलता जरूर पा सकते हो। जरूरी नहीं है कि आपको यूपीएससी पास करने के लिए दिल्ली ही आना पड़े। ऑनलाइन माध्यम से काफी ऐसे क्लास हैं, जो कि काफी बेहतर हैं। कई मुफ्त भी और कुछ पेड क्लास भी हैं। ग्रामीण इलाके से आने वाले स्टूडेंट इसके जरिए पढ़ाई कर सफल हो सकते हैं। इसके लिए आपको नियमित पढ़ाई करनी होगी। आपके कोचिंग आने और जाने के समय में भी काफी बचत होगी। मुझे भी ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई में काफी मदद मिली।” उन्होंने बताया कि 2019 में जब मैंने तैयारी शुरू की तो दिल्ली के राजेंद्र नगर में कोचिंग ली थी। आठ माह बाद कोचिंग के बाद कोविड आ गया। लॉकडाउन में कोचिंग बंद हो गए। इसके बाद सेल्फ स्टडी की। खुद से ही सारे नोट्स तैयार किए। ऑनलाइन स्टडी करती थी। औसतन आठ से दस घंटे पढ़ती थी। प्रिलिंम्स के सवाल पर इशिता ने कहा कि मेरे लिए तो सबसे मुश्किल प्रिलिम्स ही रहा। इसमें मुझे दो बार असफलता मिली। इसके बाद मैंने इसकी समीक्षा की तो पाया कि कुछ कमियां रह जा रही हैं। कमजोर कड़ियों पर फोकस किया। स्टैटिक करना भी जरूरी था। साथ ही करेंट पर भी फोकस किया। मेंस एग्जाम के सवाल पर उन्होंने कहा कि पेपर पूरा करने पर ध्यान था। तीन घंटे के अंदर सभी सवालों का जवाब देना था। इससे लिए काफी तेज लिखना होता है। इसमें सोचने का समय नहीं मिलता है। मैंने लिखने की भी खूब प्रैक्टिस की थी। 

बिहारी होकर बिहार क्यों नहीं आईं- बताया

बिहार कैडर के सवाल पर आईएएस अधिकारी इशिता ने कहा- “मैं बिहार से हूं। मेरे सारे परिजन भी बिहार में रहते हैं। वहां से काफी जुड़ाव है। लेकिन, मेरे सारे डॉक्यूमेंट में नोएडा का पता है। मैंने पोस्टिंग के लिए यूपी और बिहार कैडर के ऑप्शन दिए थे। मुझे यूपी कैडर अलॉट हुआ। बिहार मेरी जन्मभूमि है। वहां आना-जाना लगा रहेगा। बिहार से काफी जुड़ाव है।”

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here