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Gaya Lok Sabha : पूर्व सीएम और पूर्व मंत्री समेत 14 प्रत्याशी की किस्मत ईवीएम में बंद; इनके बीच कांटे की टक्कर

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Gaya Lok Sabha : पूर्व सीएम और पूर्व मंत्री समेत 14 प्रत्याशी की किस्मत ईवीएम में बंद; इनके बीच कांटे की टक्कर

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Gaya Lok Sabha Elections: Voting ends in Gaya; Jitan Ram Manjhi, Kumar Sarvjeet, NDA, RJD; Election updates

गया में महिला मतदाता काफी उत्साहित दिखीं।
– फोटो : अमर उजाला

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गया संसदीय क्षेत्र के कुल 1879 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण माहौल में मतदान संपन्न हो गया। यहां कुल 52 फीदसी मतदान हुआ।  पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और पूर्व मंत्री कुमार सर्वजीत समेत 14 प्रत्याशियों की किस्मत अब ईवीएम में बंद हो गई है। तीन विधानसभा क्षेत्र शेरघाटी, बाराचट्टी और बोधगया विधानसभा क्षेत्र में शाम चार बजे मतदान की प्रक्रिया समाप्त हो गई। वहीं गया टाउन, बेलागंज और वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र में शाम छह बजे तक मतदान हुआ। कड़ी सुरक्षा व चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच मतदाताओं में लोकतंत्र के सबसे बड़े त्योहार में मतदान के लिए उत्साह चरम पर था। भीषण गर्मी एवं लू के थपेड़ों पर मतदाताओं का उत्साह भारी पड़ा।

मतदाताओं का उत्साह बढ़ता गया 

बुजुर्ग महिला-पुरुष से लेकर बीमार एवं युवा व युवती मतदाता सुबह 6:00 बजे से ही मतदान केंद्रों पर मतदान के लिए कतारबद्ध दिखे। मतदान शुरू होने के समय में ही दो दर्जन से अधिक बूथों पर ईवीएम में खराबी आने की शिकायतें भी सामने आईं। जिसके कारण कई स्थानों पर मतदान आधा घंटे से लेकर दो घंटे तक बाधित रहा। लेकिन ईवीएम को दुरुस्त होने के बाद मतदान को चालू हो गया। बूथों पर महिलाओं में मतदान का उत्साह पुरुषों पर भारी दिखा। जैसे-जैसे मतदान का समय गुजरता गया वैसे-वैसे मतदाताओं का उत्साह बढ़ता गया। नक्सल प्रभावित इलाका कहे जाने वाले शेरघाटी में 54.73, बाराचट्टी 51.50 और बोधगया 52.94 फीसदी मतदान हुआ। वहीं टिकारी विधानसभा के कोंच समुदायिक भवन बूथ संख्या 188 से शराब कांड के वांछित आरोपी अरुण भुईया को मतदान करने के बाद गिरफ्तार किया गया है।

जानिए, 1957 से लेकर अब तक का मतदान प्रतिशत

  • 1957- 40.71 प्रतिशत
  • 1962- 49.96 प्रतिशत
  • 1967- 44.81 प्रतिशत
  • 1971- 47.04 प्रतिशत
  • 1977- 69.29 प्रतिशत
  • 1980- 55.05 प्रतिशत
  • 1984- 66.46 प्रतिशत
  • 1989- 70.10 प्रतिशत
  • 1991- 64.94 प्रतिशत
  • 1996- 59.86 प्रतिशत
  • 1998- 67.25 प्रतिशत
  • 1999- 61.33 प्रतिशत
  • 2004- 70.40 प्रतिशत
  • 2009- 42.45 प्रतिशत
  • 2014- 53.92 प्रतिशत
  • 2019- 56.18 प्रतिशत

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