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सीआरपीएफ।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल ‘सीआरपीएफ’ की असम में तैनात एक बटालियन ‘जनरल ड्यूटी’ को स्थायी तौर से रेपिड एक्शन फोर्स ‘आरएएफ’ में तब्दील किया जा रहा है। ‘कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी’ ने गृह मंत्रालय के इस निर्णय पर अपनी सहमति की मुहर लगा दी है। सामान्य बटालियन को ‘आरएएफ’ में तब्दील करने पर 275 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस अदला-बदली में जो भी मौजूदा पद खत्म होंगे या नए पद सृजित होंगे, वह जानकारी वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद साझा की जाएगी।
कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने दी है मंजूरी
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, असम से लगती दूसरे राज्यों की सीमाओं पर कई बार दंगे हो चुके हैं। असम, मिजोरम और असम, मेघायल सीमा पर हुए दंगों में अनेक लोगों की जान गई है। राज्य में किसी भी तरह के दंगे को रोकने के लिए अब वहां पर स्थायी तौर से आरएएफ की बटालियन तैयार की जाएगी। इसके लिए वहां पर पहले से तैनात सीआरपीएफ की ‘जनरल ड्यूटी बटालियन’ को आरएएफ में तब्दील किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय के माध्यम से यह प्रस्ताव कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ‘सीसीएस’ के पास भेजा गया था। वहां से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
तैयार करना होगा हथियार, गोला बारूद व स्टोर
आरएएफ की स्थायी बटालियन तैयार करने में 275 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका मसौदा वित्त मंत्रालय के पास भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, आरएएफ बटालियन को हथियार, गोला बारूद, स्टोर, वाहन और दंगारोधी उपकरण, आदि मुहैया कराए जाएंगे। आरएएफ की एक बटालियन में 1284 पद स्वीकृत होते हैं। दूसरी तरफ सामान्य बटालियन में 1150 पद रहते हैं। वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिलते ही बटालियन के कुछ पदों को लेकर निर्णय लिया जाएगा। संभव है कि इसमें कुछ पद खत्म हों और कई नए पद सृजित किए जाएं।
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