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नई दिल्ली. कई खिलाड़ी इंटरनेशनल लेवल पर खालिस बैट्समैन के तौर पर ही क्रिकेट खेले. इन्हें इंटरनेशनल मैचों में बॉलिंग करते हुए बेहद कम देखा गया. कई खिलाड़ी तो ऐसे हैं जिन्होंने पूरे टेस्ट करियर में कभी बॉलिंग नहीं की, इसमें स्टीफन फ्लेमिंग, इयान हिली और एंड्रयू स्ट्रॉस शामिल हैं. इसी तरह सुनील गावस्कर, जहीर अब्बास, डेविड गॉवर, राहुल द्रविड़, मार्क टेलर, वीवीएस लक्ष्मण और एलिस्टर कुक जैसे प्लेयर्स ने कभीकभार ही इंटरनेशनल मैचों में बॉलिंग की. कप्तान ने इनके हाथ में तब ही बॉल थमाई जब कोई मैच नीरस नतीजे की ओर बढ़ रहा हो या किसी लंबी पार्टनरशिप को तोड़ने के लिए नॉन रेगुलर बॉलर को आजमाना हो.
नजर डालते हैं उन नॉन रेगुलर बॉलर्स पर जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में केवल एक विकेट लिया लेकिन यह विकेट ‘बेशकीमती’ रहा. इन्होंने या तो अपनी बॉलिंग से किसी दिग्गज बैटर को शतक से पहले आउट किया या शतक बना चुके बैटर को आउट करके अहम साझेदारी को तोड़ा.
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गावस्कर ने जहीर अब्बास को 96 रन पर किया था आउट
भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ी मैदान के बाहर कड़े प्रतिद्वंद्वी हैं तो मैदान के बाहर दोस्त. पाकिस्तान के जहीर अब्बास और भारत के सुनील गावस्कर भी अच्छे दोस्त हैं लेकिन ‘सनी’ अपने इस पाकिस्तानी दोस्त को टेस्ट में 96 रन पर आउट करके बड़ा रिकॉर्ड बनाने से वंचित कर चुके हैं. मजे की बात यह है कि गावस्कर के नाम पर टेस्ट क्रिकेट में केवल यही विकेट दर्ज है.उन्होंने अक्टूबर 1978 में भारत और पाकिस्तान के बीच फैसलाबाद में हुए टेस्ट की दूसरी पारी में जहीर अब्बास को 96 रन पर चेतन चौहान के हाथों कैच कराया था. ‘एशियाई ब्रेडमैन’ और ‘जेड’ के नाम से पॉपुलर जहीर ने पहली पारी में 176 रन बनाए थे. उनके पास दूसरी पारी में भी शतक बनाकर किसी टेस्ट की दोनों पारियों में शतक बनाने वाले खास क्लब में शामिल होने का मौका था लेकिन गावस्कर ने यह सपना तोड़ दिया था. इस दौरे में भारतीय टीम के कप्तान बिशन सिंह बेदी थे.
एक रोचक तथ्य यह है कि वनडे इंटरनेशनल में भी गावस्कर ने एक ही विकेट लिया है और यह विकेट भी जहीर अब्बास का ही है. 1978 में ही सियालकोट वनडे में ‘सनी’ ने जहीर को 48 रन के स्कोर पर कपिल देव से कैच कराकर अर्धशतक से वंचित किया था. गावस्कर दाएं हाथ से मध्यम गति के साथ-साथ ऑफ स्पिन बॉलिंग भी करते थे.
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द्रविड़ ने ‘शतकवीर’ जैकब्स को बनाया था ‘शिकार’

गावस्कर की ही तरह नॉन रेगुलर बॉलर राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने भी टेस्ट में एक ही विकेट लिया है. 2002 के भारतीय टीम के वेस्टइंडीज दौरे के सेंट जोंस टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने मेजबान टीम के विकेटकीपर रिंडले जैक्ब्स को 118 रन के निजी स्कोर पर वीवीएस लक्ष्मण से कैच कराया था. रनों से भरपूर रहे इस टेस्ट में भारतीय टीम के कप्तान सौरव गांगुली और वेस्टइंडीज के कप्तान कार्ल हूपर थे. ड्रॉ रहे इस मैच में विकेटकीपर अजय रात्रा सहित भारतीय टीम के सभी 11 प्लेयर्स ने बॉलिंग की थी.
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बाउचर ने टेस्ट में कुल 8 गेंद फेंकी, इसी में लिया अहम विकेट

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व विकेटकीपर बैटर मार्क बाउचर (Mark Boucher) ने पूरे इंटरनेशनल करियर में केवल आठ गेंदें (1.2 ओवर) फेंकी और इसी में शतक बनाने वाले बैटर को आउट करने में सफल रहे.वर्ष 2005 में दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के बीच सेंट जोंस टेस्ट में खूब रन बने थे. दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी के 8/588रन (पारी घोषित) के जवाब में वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 747 रन बनाए थे. प्रमुख बॉलर जब विकेट नहीं ले पा रहे थे तो दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ग्रीम स्मिथ ने विकेटकीपर बाउचर को गेंद थमाई जिन्होंने ड्वेन ब्रावो (107 रन) को आउट किया था. बाउचर ने ब्रावो को आउट करके वेस्टइंडीज की पारी का 747 रन पर अंत कर दिया था.
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मैक्कुलम ने भी किया सेंचुरी जड़ने वाले विकेटकीपर को आउट

न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर ब्रेंडन मैक्कुलम (Brendon McCullum) की पहचान बेहतरीन विकेटकीपर बैटर के तौर पर रही है लेकिन टेस्ट में वे एक विकेट भी ले चुके हैं. 2014 में पाकिस्तान के खिलाफ दुबई (न्यूट्रल वेन्यू) में उन्होंने पहली पारी में दो ओवर फेंके थे और एक ओवर मेडन रखते हुए एक रन देकर विपक्षी टीम के विकेटकीपर बैटर सरफराज अहमद (112) को आउट किया था. विकेटकीपर होने के बावजूद मैक्कुलम टेस्ट क्रिकेट में 29.2 ओवर फेंक चुके हैं. हालांकि ODI में उन्होंने कभी बॉलिंग नहीं की.
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गॉवर ने आक्रामक शतक ठोकने वाले कपिल का विकेट लिया था

इंग्लैंड के बेहतरीन बैटरों में से एक डेविड गॉवर (David Gower) भी टेस्ट क्रिकेट में एक विकेट ले चुके हैं. गॉवर बैटिंग बाएं हाथ से करते थे और दाएं हाथ से बॉलिंग. ऑफ ब्रेक बॉलर गॉवर ने 1982 में भारत के खिलाफ कानपुर टेस्ट की पहली पारी में महज 98 गेंदों पर 16 चौकों व दो छक्कों की मदद से 116 रन ठोकने वाले कपिल देव को आउट किया था. कपिल ने मैच में सैयद किरमानी के साथ सातवें विकेट के लिए 169 रन की साझेदारी की थी लेकिन इस साझेदारी को तोड़कर गॉवर ने इंग्लैंड के कप्तान कीथ फ्लेचर को राहत दी थी. कपिल के आउट होते ही भारतीय टीम ने 7 विकेट पर 377 के स्कोर पर पारी घोषित कर दी थी.
इन पार्टटाइम बॉलर्स के अलावा ऑस्ट्रेलिया के मार्क टेलर, इंग्लैंड के एलिस्टर कुक व इयान बेल और वेस्टइंडीज के डेसमंड हेंस भी अपने 100 से अधिक टेस्ट के अपने करियर में एक-एक विकेट हासिल कर चुके हैं.
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Tags: Brendon McCullum, Cricket, Mark Boucher, Rahul Dravid, Sunil gavaskar, Test cricket
FIRST PUBLISHED : April 20, 2024, 08:04 IST
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