Home Breaking News Supreme Court: कल होगी गर्भवती नाबालिग की याचिका पर ‘सुप्रीम’ सुनवाई; 28 सप्ताह के गर्भ को खत्म करने की मांग

Supreme Court: कल होगी गर्भवती नाबालिग की याचिका पर ‘सुप्रीम’ सुनवाई; 28 सप्ताह के गर्भ को खत्म करने की मांग

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Supreme Court: कल होगी गर्भवती नाबालिग की याचिका पर ‘सुप्रीम’ सुनवाई; 28 सप्ताह के गर्भ को खत्म करने की मांग

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Supreme Court to hear on Monday minor's plea seeking termination of 28-week pregnancy

सुप्रीम कोर्ट
– फोटो : ANI

विस्तार


28 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने की मांग वाली नाबालिग की याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की जाएगी। शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर इस मामले की सुनवाई के बारे में जानकारी दी गई है। इसके मुताबिक, सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ सोमवार को इस मामले पर सुनवाई करेगी।

इससे पहले, शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई की थी। तब सुप्रीम कोर्ट ने 14 वर्षीय कथित दुष्कर्म पीड़िता की मेडिकल जांच का आदेश दिया था। मामले में नाबालिग की मां ने शीर्ष कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका में बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें गर्भावस्था को काफी समय हो जाने के कारण गर्भावस्था को समाप्त करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था। 

शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने पीड़िता की ओर से तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग को लेकर भेजे गए एक ई-मेल पर गौर किया। इसके बाद मामले की तत्काल सुनवाई के लिए शाम करीब साढ़े चार बजे कार्यवाही शुरू हुई। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से पेश हुईं। पीठ ने मुंबई के सायन अस्पताल से पीड़िता की शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्थिति के बारे में रिपोर्ट मांगी थी। पीठ ने कहा था कि अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एक मेडिकल बोर्ड का गठन करेंगे और इसकी रिपोर्ट सुनवाई की अगली तारीख 22 अप्रैल को अदालत के समक्ष रखी जाएगी। मामले पर सोमवार को 10.30 बजे सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि नाबालिग 28 सप्ताह की गर्भवती है और फिलहाल मुंबई में है।

बता दें कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) अधिनियम के तहत गर्भावस्था को समाप्त करने की ऊपरी सीमा विवाहित महिलाओं के साथ-साथ विशेष श्रेणियों की महिलाओं के लिए 24 सप्ताह रखी गई है। इनमें बलात्कार पीड़िताओं और कुछ अन्य महिलाओं जैसे कि विकलांग और नाबालिग को शामिल किया गया है।

 




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