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बॉम्बे हाईकोर्ट
– फोटो : एएनआई
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10 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार बॉम्बे हाईकोर्ट ने सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन को राहत दी। अदालत ने उसके भतीजे सैयदना ताहिर फखरुद्दीन का दावा खारिज करते हुए उनके दाई-अल-मुतलक या दाऊदी बोहरा समुदाय के धार्मिक नेता का पद बरकरार रखा।
साल 2014 से चल रहा मामला
यह मुकदमा शुरू में खुजैमा कुतुबुद्दीन ने अपने भाई सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन के जनवरी 2014 में 102 वर्ष की आयु में निधन के तुरंत बाद दायर किया था। बुरहानुद्दीन के दूसरे बेटे मुफद्दल सैफुद्दीन ने सैयदना का पदभार संभाला।
जस्टिस जीएस पटेल ने फैसला सुनाते हुए फखरुद्दीन का मुकदमा खारिज कर दिया। इस मामले में नौ साल तक लंबी सुनवाई चली। फिर अदालत ने पिछले साल अप्रैल में फैसला सुरक्षित रख लिया था। अंतिम सुनवाई नवंबर 2022 में शुरू हुई और अप्रैल 2023 में समाप्त हुई।
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