Home World Taiwan News: महीने में दूसरी बार तेज भूकंप से हिला ताइवान, जमीन में 10 किमी नीचे था केंद्र; एक और झुक गई इमारतें

Taiwan News: महीने में दूसरी बार तेज भूकंप से हिला ताइवान, जमीन में 10 किमी नीचे था केंद्र; एक और झुक गई इमारतें

0
Taiwan News: महीने में दूसरी बार तेज भूकंप से हिला ताइवान, जमीन में 10 किमी नीचे था केंद्र; एक और झुक गई इमारतें

[ad_1]

Taiwan Earthquake News: ताइवान के पूर्वी शहर हुलिएन में आज यानी सोमवार को 5.5 रिक्टर स्केल तीव्रता का भूकंप आया, जिससे वहां के मकान-दुकान सब हिल उठे. भूकंप आते ही लोग अपने घरों को छोड़कर बाहर की भाग निकले. वहीं सड़क पर चल रही गाड़ियां जहां की तहां खड़ी हो गईं. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि इस भूकंप से नुकसान की फिलहाल कोई रिपोर्ट नहीं है.

करीब 10 किमी गहराई में था भूकंप का केंद्र

मौसम विभाग ने बताया कि भूकंप की गहराई 10 किमी (6.2 मील) थी. इस महीने की शुरुआत में, हुलिएन में 7.2 तीव्रता का भयानक भूकंप आया था, जिसमें कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई थी और कई घर तहस-नहस हो गए थे. इस भूकंप का असर ताइवान के दूसरे हिस्सों में भी पड़ा और कई सारी इमारतें यहां तो झुक गईं या उनमें दरार आ गईं. इस भयानक भूकंप के बाद से लेकर वहां पर अब तक सैकड़ों हल्के भूकंप आ चुके हैं, जिससे लोग  लोग डर के साये में जी रहे हैं. 

इस वजह से ताइवान में आते रहते हैं भूकंप

भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार ताइवान दो टेक्टोनिक प्लेटों के जंक्शन के पास स्थित है, जिसकी वजह से वह भूकंप के प्रति और संवेदनशील हो जाता है. यही वजह है कि ताइवान समेत उसके आसपास के जापान, चीन और कोरिया में अक्सर भूकंप के झटके लगते रहते हैं, जिससे वहां लोगों को बड़ी मात्रा में जानमाल का नुकसान उठाना पड़ता है. दक्षिण ताइवान में वर्ष 2016 में ऐसा ही भयानक भूकंप आया था, जिसमें में 100 से अधिक लोग मारे गए थे. उससे पहले वर्ष 1999 में 7.3 तीव्रता के भूकंप में 2,000 से अधिक लोग मारे गए थे. 

भूकंप के नुकसान को कम करने की कवायद

नियमित अंतराल पर आने वाले भूकंपों को रोकने के लिए कोई भी देश अब तक तकनीक तो नहीं खोज पाया है लेकिन इस आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए तरीके जरूर ढूंढ लिए गए हैं. इनमें घरों की नींव के भूकंप रोधी बनाने, उन्हें हैवी कंक्रीट का इस्तेमाल कम करने और लोगों को भूकंप से बचने के लिए लगातार ट्रेनिंग देने की वजह से अब इस आपदा से होने वाले नुकसानों का काफी हद तक घटा लिया गया है. 

.

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here