Home Breaking News SC: ‘मुद्दे से निपटने से नहीं कतरा रहे, पर दायरा बढ़ाने की इजाजत नहीं देंगे’, आवारा कुत्तों के मामले पर कोर्ट

SC: ‘मुद्दे से निपटने से नहीं कतरा रहे, पर दायरा बढ़ाने की इजाजत नहीं देंगे’, आवारा कुत्तों के मामले पर कोर्ट

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SC: ‘मुद्दे से निपटने से नहीं कतरा रहे, पर दायरा बढ़ाने की इजाजत नहीं देंगे’, आवारा कुत्तों के मामले पर कोर्ट

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Stray dogs Not shying away from dealing with issue but will not allow scope to be expanded says SC

सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
– फोटो : ANI

विस्तार


सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों के संबंध में नागरिक निकायों द्वारा पारित आदेशों से संबंधित मुद्दों के निपटारे को लेकर सुनवाई हुई। सुनवाई दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि इन मुद्दों के निपटारे में संकोच नहीं किया जा रहा है लेकिन, इस बात की अनुमति नहीं दी जाएगी कि विचाराधीन मामले का दायरा बढ़ाया जाए। अदालत ने कहा कि पक्षकारों को पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023 (Animal Birth Control Rules 2023) का अध्ययन करना चाहिए क्योंकि इससे कई मुद्दों का समाधान हो सकता है।

‘मुद्दे के निपटारे में संकोच नहीं लेकिन दायरा नहीं बढ़ाएंगे’

न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी और संजय करोल की पीठ ने कहा कि कोर्ट इस मुद्दे के निपटारे में संकोच नहीं कर रही लेकिन इसका दायरा बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पीठ ने कहा कि पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023 अब लागू किया जा चुका है और इसके नियमों का अध्ययन किया जाना चाहिए। इस दौरान एक वकील ने कहा कि पीठ द्वारा इन नियमों को पढ़ने के लिए कुछ समय दिया जा सकता है और इसके अध्ययन के बाद हम कोर्ट में वापस जाएंगे। अदालत द्वारा कहा गया है कि नियमों को अच्छी तरह से समझने के बाद ही इस मामले की जड़ तक पहुंचा जा सकता है। 

‘पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023 के नियमों को पढ़ना जरूरी’

एक अन्य वकील ने कहा है कि पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023 के नियमों को लागू करने के लिए पशु कल्याण बोर्ड द्वारा हाल ही में एक एडवाइजरी जारी की गई है। अगर इन्हें ध्यान से पढ़ा जाए, तो 90 प्रतिशत मामलों का निपटारा हो सकता है। कोर्ट ने कहा कि अगर नियमों के अध्ययन के बाद अधिकतम समस्याओं का समाधान हो रहा है, तो हम कानून के अनुसार समस्याओं से निपट सकते हैं। अगर इसके बाद भी कुछ मामले उठते हैं तो पक्षकार उच्च न्यायालय में जाने के लिए स्वतंत्र हैं। अब कोर्ट में आठ मई को इस मामले में सुनवाई होगी।   

सितंबर 2023 में कोर्ट ने क्या कहा था?

सितंबर 2023 में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह इस मामले में कोई अंतरिम निर्देश नहीं देना चाहेगी। अदालत ने कहा था कि संबंधित कानूनों, नियमों और मुद्दों का अध्ययन करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। इस दौरान एक वकील ने कहा था कि अलग अलग राज्यों की हाईकोर्ट द्वारा इस मामले में अलग अलग टिप्पणियां की गई हैं। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पशु कल्याण बोर्ड को एक हलफनामा दायर करने को कहा था। हलफनामे में अलग अलग राज्यों में बीते कुछ वर्षों के दौरान आवारा कुत्तों के काटने का डेटा संलग्न करने के लिए भी कहा गया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि लोगों की सुरक्षा और पशु अधिकारों के बीच एक संतुलन बनाने की आवश्यकता है। 

दरअसल कुछ संस्थाओं और याचिकाकर्ताओं द्वारा कुछ उच्च न्यायालयों के फैसलों के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया गया था। खासतौर पर बॉम्बे और केरल हाईकोर्ट द्वारा नगरपालिकाओं को आवारा कुत्तों से निपटने के लिए, नियमों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करने की अनुमति दी गई थी।




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