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पूर्व सेना प्रमुख वीपी मलिक
– फोटो : Amar Ujala
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देश इस साल 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस ‘ऑपरेशन विजय’ की 25वीं वर्षगांठ बड़े धूमधाम से मनाएगा। इसके लिए बकायदा तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं। लेकिन उस समय ऑपरेशन विजय को लीड करने वाले भारतीय थल सेना के पूर्व प्रमुख जनरल वीपी मलिक खुश नहीं हैं। 25 साल बाद भी कुछ न्यूज रिपोर्ट्स में हो रही बड़ी चूक से वे खासे निराश हैं। 84 दिनों तक यह युद्ध चला, सैकड़ों शहीद हुए, युद्ध की जीत और सैनिकों के शौर्य को लेकर कई गाथाएं लिखी गईं, लेकिन कुछ लोग आज भी 25 साल पुराने माइंडसेट में जी रहे हैं। अमर उजाला से खास बातचीत में पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीपी मलिक बड़ी भावुकता और नाराजगी के साथ कहते हैं कि कितनी बार बोला जाए, अपनी किताब में भी लिख चुका हूं, लेकिन लोग 25 साल बाद भी समझते नहीं हैं। आज भी करगिल युद्ध को जब पाकिस्तानी मुजाहिदीनों की घुसपैठ लिखा या बोला जाता है, तो उन्हें ये पढ़ कर अच्छा नहीं लगता।
पाकिस्तानी सेना ने की थी करगिल में घुसपैठ
1999 में करगिल युद्ध के दौरान चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ रहे जनरल वीपी मलिक ने रविवार रात को जब अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर करगिल जंग को लेकर कुछ तथ्य सामने रखे, तो लोगों का ध्यान उस तरफ गया। रिटायर्ड जनरल वीपी मलिक लिखते हैं, “मुझे आश्चर्य है कि 25 साल बाद भी कई पत्रकार यह लिखते हैं कि करगिल युद्ध के दौरान घुसपैठ पाकिस्तानी मुजाहिदीनों ने की थी। यह तथ्यात्मक रूप से गलत है। यह भारत के सैन्य युद्ध इतिहास की गलत छवि पेश करता है। वह घुसपैठ पाकिस्तान की नियमित सैन्य टुकड़ियों ने ही की थी।”
अमेरिकी अधिकारियों को दी थी ब्रीफिंग
इसके लिए वह बकायदा कुछ तथ्य भी पेश करते हैं। वह आगे लिखते हैं, “12 जनवरी 2003 को मेजर जनरल नदीम, जो उस समय नॉर्दर्न एरिया फोर्सेज (एफसीएनए) कमांड के कमांडर थे और उनके जीएसओ1 आबिद ने गिलगित में कुछ अमेरिकी अधिकारियों को दो घंटे तक ब्रिफिंग दी थी। पाकिस्तान ने इस बैठक में मुशाहिद हुसैन, शिरीन मजारी और कुछ आईएसआई अधिकारियों को भी आमंत्रित किया था। ब्रीफिंग के दौरान, नदीम ने कहा, कोई भी मुजाहिदीन पाकिस्तानी सेना के साथ काम नहीं कर रहा था। पाकिस्तानी टुकड़ियों ने एफसीएनए क्षेत्र में किसी को नहीं देखा। वहीं, जब उनसे पूछा गया कि कुछ उनके कुछ सैनिक ट्रैक सूट/सलवार कमीज क्यों पहन रहे हैं, तो उन्होंने कहा, “उत्तरी लाइट इन्फैंट्री के सैनिक अकसर ट्रैक सूट पहनते हैं, जिससे उनके कई वरिष्ठ कमांडर्स झुंझला गए।”
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