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किताब में भारतीय राजनीति से जुड़े कई किस्से
– फोटो : एक्स
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लोकसभा चुनाव के चलते पूरे देश का माहौल राजनीतिक है। इस बीच एक नई किताब आई है, जिसमें भारतीय राजनीति के इतिहास के कई दिलचस्प किस्सों के बारे में बताया गया है। इसमें माधवराव सिंधिया के अपनी ही मां और ग्वालियर राजघराने की राजमाता विजयाराजे सिंधिया के खिलाफ ही चुनाव प्रचार करने के किस्से का भी जिक्र है।
किताब में 1989 लोकसभा चुनाव का किस्सा
लेखक-पत्रकार भास्कर राव की किताब ‘फिफ्टी ईयर रोड’ में कई राजनीतिक किस्सों के बारे में बताया गया है। इन्हीं में से एक है 1989 का गुना लोकसभा चुनाव, जिसमें विजयाराजे सिंधिया चुनाव मैदान में थीं, वहीं उनके बेटे माधवराव सिंधिया ने उस चुनाव में अपनी मां के खिलाफ ही चुनाव प्रचार किया था। किताब के अनुसार, माधवराव सिंधिया कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार कर रहे थे। वहीं उनकी मां विजयाराजे सिंधिया जनसंघ के टिकट पर चुनाव मैदान में थीं। चुनाव प्रचार के दौरान विजयाराजे सिंधिया के निशाने पर कांग्रेस उम्मीदवार या राजीव गांधी नहीं थे बल्कि उनके बेटे माधवराव सिंधिया ही थे।
चुनाव प्रचार के दौरान राजमाता विजयाराजे सिंधिया मतदाताओं से कहतीं थी ‘अपने महाराज से पूछिए विकास कहां है? अगर कोई हम पर ईंट फेकेंगा तो हम पत्थर से जवाब देंगे।’ वहीं माधवराव सिंधिया को लगता था कि उनकी मां भाजपा के प्रभाव में हैं और उनकी कठपुतली बनी हुई हैं। किताब में कहा गया है कि विजयाराजे सिंधिया की अपने ही बेटे से दुश्मनी दिलचस्प थी। किताब में बताया गया है कि दोनों के बीच मतभेद की वजह सिर्फ राजनीतिक नहीं थी। कई लोगों का कहना है कि विजयाराजे सिंधिया, अपने बेटे माधवराव सिंधिया के कांग्रेस में शामिल होने से खुश नहीं थी और वे चाहती थीं कि माधवराव सिंधिया जनसंघ में रहें। वहीं कुछ का कहना है कि दोनों के बीच राजघराने की संपत्ति के प्रबंधन को लेकर विवाद था।
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