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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और कनाडाई पीएम ट्रूडो (फाइल)
– फोटो : एएनआई
विस्तार
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की मौजूदगी में खालिस्तान समर्थक नारों से जुड़े एक सवाल पर भारत ने कहा कि यह घटना उस देश की राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इस घटना की कड़ी निंदा की। भारत ने जोर देकर कहा कि कनाडा में अलगाववाद, उग्रवाद और हिंसा को राजनीतिक प्रश्रय मिल रहा है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, पीएम ट्रूडो ने पहले भी इस तरह की टिप्पणी की है। उनकी टिप्पणी एक बार फिर दिखाती है कि कनाडा में अलगाववाद, उग्रवाद और हिंसा के अलावा आपराधिकता के माहौल को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा, इससे भारत-कनाडा संबंधों पर भी बुरा असर पड़ता है।
किस घटना के कारण विवादों में हैं कनाडाई प्रधानमंत्री
बता दें कि टोरंटो में आयोजित खालसा दिवस समारोह के दौरान, कनाडाई पीएम ट्रूडो के साथ-साथ विपक्षी नेता पियरे पोइलिवरे भी मौजूद थे। उनकी उपस्थिति में खालिस्तान समर्थक नारे लगाए जाने की खबरें सामने आई थीं। इस घटना के बाद भारत ने कनाडाई उच्चायुक्त को तलब किया था और इस घटना पर चिंता जताई थी। इस कार्यक्रम में ट्रूडो ने आश्वासन दिया था कि उनकी सरकार हर कीमत पर खालिस्तान समर्थकों के अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा करेगी।
यूएपीए के तहत भारत में आतंकी घोषित है पन्नू
इसके अलावा भारत और कनाडा के रिश्ते गुरपतवंत सिंह पन्नू के कारण भी तल्ख रहे हैं। सिख फॉर जस्टिस नामक संगठन के सरगना पन्नू को भारत सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकवादी घोषित किया है। पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा दोनों ही देशों की नागरिकता है। वह अमेरिका और कनाडा में खालिस्तान के समर्थन में सिखों को भड़काता है और भारतीय नागरिकों को धमकाता है।
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