[ad_1]
India Canada News in Hindi: बदनाम होंगे तो क्या नाम ना होगा. ये फिलॉसफी सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर या शो बिजनेस से जुड़े लोगों पर जंचती है. लेकिन एक देश अगर झूठे आरोप लगाकर दूसरे देश को बदनाम करने की साजिश करता है, तो दुनिया इसे बदनामी की तरह ही देखती है. Canada ने भारत को बदनाम करने की एक ऐसी ही साजिश रची थी. पिछले वर्ष 18 जून को Canada में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कर दी गई थी. Canada ने इस हत्या के पीछे भारत सरकार का हाथ होने की बात कही थी.
खालिस्तानियों के समर्थक जस्टिन ट्रूडो
Canada के प्रधानमंत्री Justine Trudeau ने बिना किसी सबूत और गवाह के, निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने की बात खुले तौर पर कही थी. भारत ने इस बयान का सख्त विरोध किया था और ये बताया था कि हरदीप सिंह निज्जर एक खालिस्तानी आतंकी है और उसकी हत्या गैंगवॉर का नतीजा थी. ये बात जगजाहिर है कि Justine Trudeau, खालिस्तानी समर्थक वोट बैंक को खोने से बचते हैं, इसलिए खालिस्तानी आतंकियों का समर्थन करते हैं.
कनाडा के झूठे आरोपों की हवा निकली
खालिस्तानी निज्जर की हत्या की जांच के बाद अब Canada के झूठे आरोपों की हवा निकल गई है. भारत ने Gangwar की जो बात कही थी, वही सच साबित हुई है. आतंकी निज्जर की हत्या के मामले में Canada में 3 लोग गिरफ्तार किए गए हैं. हत्या के आरोप में कमलप्रीत सिंह, करनप्रीत सिंह और करन बरार को गिरफ्तार किया गया है.
DNA: ‘निज्जर कांड’ में कनाडा की पोल खुल गई, आतंकी निज्जर की हत्या, गैंगवॉर का नतीजा #DNA #HardeepSinghNijjar #Canada @ramm_sharma pic.twitter.com/VcaElgDpcb
— Zee News (@ZeeNews) May 4, 2024
पुलिस ने बिश्नोई गैंग के 3 आरोपी पकड़े
ये गिरफ्तारियां रॉयल केनेडियन माउंटिड पुलिस ने अलबर्टा से की हैं. पुलिस के मुताबिक इन तीनों के पास तीन जिम्मेदारियां थीं, पहले को लोकेशन पता करनी थी, दूसरा ड्राइवर था और तीसरे को गोली चलाने की जिम्मेदारी मिली थी. तीनों ही आरोपी वर्ष 2021 में Student Visa पर Canada आए थे, लेकिन किसी ने भी कॉलेज में दाखिला नहीं लिया था.
भारत कनेक्शन पर अब भी जांच जारी
Canada की मीडिया के मुताबिक इन तीनों के संबंध पंजाब-हरियाणा के लॉरेंस बिश्नोई गैंग से हैं. खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को Canada ने अपने नागरिक की बताया था. इसीलिए इस मामले में Canada की सुरक्षा एजेंसियां, गंभीरता से जांच कर रही थीं. इन तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के अलावा पुलिस अभी और गिरफ्तारियों की बात कह रही है. इसी के साथ-साथ ये भी कहा जा रहा है कि निज्जर की हत्या में भारत का कनेक्शन क्या है, इस पर भी जांच जारी है.
गुरुद्वारे के सामने हुई थी निज्जर की हत्या
Canada के ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे के सामने खालिस्तानी आतंकी निज्जर को मार दिया गया था. भारत सरकार ने Canada से इस हत्याकांड से जुड़ी जानकारी और सबूत मांगे थे, लेकिन Canada ने इससे इनकार किया था. करीब 11 महीने बाद, इस हत्याकांड के सिलसिले में कोई गिरफ्तारी हुई है. यानी Canada पुलिस को पिछले 11 महीनों से कोई आइडिया नहीं था कि इस हत्याकांड में कौन शामिल है. बावजूद इसके भारत सरकार पर आरोप लगाए गए थे.
ट्रूडो ने भारत के एक राजनयिक को किया था डिपोर्ट
Canada में खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या का मामला, भारत और Canada के संबंधों में दरार की तरह हो गया था. Justine Trudeau ने खालिस्तानी समर्थकों को लुभाने के चक्कर में भारत सरकार पर आरोप लगाते हुए, एक राजनयिक को वापस भेज दिया था. इस Diplomatic चाल का भारत ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया था.
जवाब में भारत ने कनाडा के 41 राजनयिक निकाले थे
भारत ने Canada के 41 राजनयिक को भारत छोड़ने के निर्देश दे दिए थे. भारत की कूटनीतिक चाल का जवाब Canada के पास भी नहीं था. हालांकि उसने वियना संधि का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था लेकिन नियमों के हिसाब से भारत ने सटीक कदम उठाया था.
.
[ad_2]
Source link