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Up Lok Sabha Election
– फोटो : अमर उजाला
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कयास, कशमकश और करामात से देवीपाटन मंडल की कैसरगंज सीट उबरी तो श्रावस्ती में सिलसिला तेज हो गया है। सपा के दांव से लड़ाके तो चारों खाने चित्त ही हुए, आम लोग भी हैरत में सिर पकड़े बैठे हैं। टिकट के बदलाव और फिर पुराने को यथावत रखने के फैसले की गूंज सोमवार को मंडल के चारों जिलों में रही।
समीकरण साधने में देवीपाटन मंडल की श्रावस्ती सीट इस समय काफी अहमियत रखती है। यहां की चाल से बहराइच और गोंडा संसदीय सीट पर भी असर पड़ता है। नामांकन के दौर में सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन रविवार से सपा के खेमे में हलचल बढ़ी तो भाजपा के रणनीतिकार भी सजग हो गए। गतिविधि को पढ़ने व गढ़ने में जुट गए। सोमवार को बड़े धमाके ने सियासी चाल ही बदल दी।
सियासत में ऐन वक्त के फैसले जहां काफी मायने रखते हैं, वहीं समीकरण बनाते-बिगाड़ते भी हैं। श्रावस्ती संसदीय सीट पर दो दिनों के घटनाक्रम से सियासत में भूचाल मचाए रखा। सपा के पैंतरे से हर कोई चकित ही नहीं भौचक्का है। शनिवार को सपा से दाखिला करने वाले सांसद राम शिरोमणि वर्मा के नामांकन जश्न का जोश ठंडा भी नहीं पड़ा था कि रविवार को टिकट बदलने के संदेश ने हलचल मचा दी।
सोमवार को नए दावेदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने जोश और उत्साह के साथ बतौर सपा प्रत्याशी दाखिला भी किया। इसके बाद दोपहर तक फिर सांसद राम शिरोमणि वर्मा का टिकट सुरक्षित होने का संदेश आ गया। सपा दिग्गज संदेशों को संभालते दिखे। हाईकमान तक संपर्क कर स्थिति साफ करने में जुटे रहे। सपा के एक नेता ने कहा कि टिकट की लड़ाई अभी जारी है, सिंबल कौन दाखिल करता है इसी से तस्वीर साफ होगी। दोनों दावेदारों की कदमताल पर लोगों की निगाहें टिकी हैं।
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