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RML अस्पताल में रिश्वतखोरी
– फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली के बडे़ अस्पतालों में से एक राम मनोहर लोहिया अस्पताल में सीबीआई ने रिश्वतखोरी रैकेट का खुलासा किया है। इस रैकेट में नर्स से लेकर कार्डियोलॉजिस्ट तक का नाम शामिल हैं। सीबीआई ने दो डॉक्टर्स समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई की माने तो अस्पताल में कई स्तर पर रिश्वतखोरी चल रही थी। अस्पताल में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा था। डॉक्टर कथित रूप से चिकित्सा उपकरण की सप्लाई करने वालों से लाखों रुपये ले रहे थे।
20 हजार रुपये नहीं दिए तो गर्भवती को बाहर निकाला
रिश्वतखोरी के इस मामले में दो डॉक्टर्स समेत नौ लोगों की गिरफ्तार हुई है। सीबीआई ने अपनी एफआईआर में 11 व्यक्तियों और चार फर्मों को नामित किया हैं। सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक अगर कॉर्डियोलॉजिस्ट अजय राज व पर्वतगौड़ा चन्नप्पागौड़ा को बतौर रिश्वत 20 हजार रुपये नहीं मिलते थे तो गर्भवती को वार्ड से बाहर निकाल दिया जाता था। अस्पताल के क्लर्क भुवाल व नर्स शालू धमकाते हैं और लेनदेन सुचारू ढंग से बिना व्यवधान हो इसके लिए यूपीआई का विकल्प भी मौजूद है।
मेडिकल सप्लायर्स डॉक्टरों के लिए करते पैसों का इंतजाम
सीबीआई ने अपनी एफआईआर मे जिन लोगों को नामित किया है उनमें छह अस्पताल कर्मचारी, एक बिचौलिया और चार चिकित्सा उपकरण आपूर्तिकर्ता शामिल हैं। एजेंसी ने एफआईआर में यह भी दावा किया कि पर्वतगौड़ा ने चिकित्सा आपूर्तिकर्ताओं से उन्हें मिलने वाली रिश्वत जल्द से जल्द देने के लिए कहा था। 2 मई को उन्होंने नागपाल नाम के स्पलायर को 2.48 लाख रुपये की रिश्वत राशि देने के लिए कहा, जिसे नागपाल ने मंगलवार तक देने का आश्वासन दिया। इसके बाद पर्वतगौड़ा ने दूसरे सप्लायर अहमद को पैसे जल्दी देने के लिए कहा।
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