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राजस्थान में भयंकर गर्मी
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान में गर्मी के कारण मई के पहले सप्ताह में बिजली की मांग में 20 प्रतिशत से अधिक का उछाल देखा गया है। भीषण गर्मी के चलते सप्लाई लोड बढ़ने की वजह से कई थर्मल यूनिट ठप हो गईं, जिससे उत्पादन में 1400 मेगावाट की कमी आई है। उर्जा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मई के पहले सप्ताह में बिजली की खपत पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में औसतन 20 फीसदी बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक तापमान में बढ़ोतरी बने रहने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए राजस्थान की विद्युत खपत में भी आने वाले दिनों में और ज्यादा बढ़ोतरी होने की संभावना है। हालांकि, प्रदेश में राज्य सरकार के स्वामित्व वाले चार व दो निजी थर्मल स्टेशनों के अचानक ठप होने के चलते उत्पादन 1400 मेगावाट (140 लाख यूनिट) तक प्रभावित हुआ है।
ऊर्जा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, मई के पहले सप्ताह में ही विद्युत आपूर्ति की मांग में बढ़ोतरी देखी गई है और सात मई को 3234.47 लाख यूनिट की उच्चतम खपत दर्ज की गई है। पिछले साल की इसी अवधि में एक दिन की अधिकतम खपत 2621.62 लाख यूनिट थी, जो मौजूदा डिमांड से 23.37 फीसदी कम थी।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा, नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। रात में मांग बढ़ जाती है। ऐसे में शाम के समय में राजस्थान में पवन ऊर्जा का उपयोग भी किया जा रहा है। इसके अलावा मांग को पूरा करने के लिए नेशनल पॉवर एक्सचेंज से बिजली भी खरीद रहे हैं। ऊर्जा विभाग के चेयरमैन भानू प्रताप एटरू का कहना है कि इस समय पूरे देश में ही ऊर्जा की खपत बढ़ी हुई है। इसलिए नेशनल पॉवर एक्सचेंज में ऊंची दरों पर भी बिजली खरीद में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि 10 रुपये यूनिट में भी बिजली खरीदने पर नहीं मिल रही।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक मांग आपूर्ति से आगे नहीं बढ़ी है। इसलिए राज्य में बिजली कटौती भी नहीं हो रही है। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि रात के समय शाम सात बजे से 11 बजे के बीच जब मांग चरम पर होती है, आपूर्ति को प्रबंधित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में लोड शेडिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग को राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड से 5000 मेगावाट बिजली मिल रही है, सौर और पवन ऊर्जा से 5000 मेगावाट और राष्ट्रीय बिजली एक्सचेंज से लगभग 500 मेगावाट खरीद रहे हैं। अधिकारी ने कहा, विभाग उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक निविदाओं के माध्यम से अतिरिक्त 500 मेगावाट खरीद रहा है।
लू और बढ़ते तापमान को लेकर मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने कहा, राजस्थान के लिए यह सामान्य है, असामान्य नहीं। मई के दौरान तापमान तीव्र होता है और इस साल अप्रैल में भी कुछ स्थानों पर तापमान 42-43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उन्होंने कहा, 2022 में, राज्य में सामान्य लू की स्थिति का अनुभव हुआ। लेकिन 2023 में पश्चिमी विक्षोभ के कारण, लू की स्थिति नहीं थी। शर्मा ने आगे कहा, शुक्रवार से लू की स्थिति कम हो जाएगी और राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश और आंधी आएगी, जिसके परिणामस्वरूप तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी।
मई लाई मुसीबत
राजस्थान में मई के पहले सप्ताह में बिजली की खपत उपलब्धता से अधिक थी। बिजली विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, आठ मई को प्रदेश में बिजली की खपत 3223.12 लाख यूनिट थी, जबकि उपलब्धता 3037.92 लाख यूनिट थी। लेकिन राज्य सरकार के चार थर्मल स्टेशन ठप होने से डिमांड और सप्लाई में अंतर बढ़ता जा रहा है। इनमें कोटा थर्मल पावर प्लांट में 110 मेगावाट की दो यूनिट, छबड़ा में 660 मेगावाट की एक यूनिट, सूरतगढ़ थर्मल पावर प्लांट में 250 मेगावाट की एक यूनिट शामिल हैं, जिसके चलते राज्य सरकार को बाहर से बिजली खरीदनी पड़ रही है। बिजली विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि इनमें से एक इकाई मेंटिनेंस के लिए बंद की गई थी और जल्द ही परिचालन फिर से शुरू हो जाएगा।
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