Home Breaking News Sanju Samson: सिविल सेवा में जाना चाहते थे सैमसन, IPL 2008 में मैकुलम की शतकीय पारी देख क्रिकेट को बनाया जीवन

Sanju Samson: सिविल सेवा में जाना चाहते थे सैमसन, IPL 2008 में मैकुलम की शतकीय पारी देख क्रिकेट को बनाया जीवन

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Sanju Samson: सिविल सेवा में जाना चाहते थे सैमसन, IPL 2008 में मैकुलम की शतकीय पारी देख क्रिकेट को बनाया जीवन

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आईपीएल 2024 में भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज और राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन का बल्ला जमकर बोल रहा है। इस सीजन शानदार प्रदर्शन की बदौलत ही सैमसन टी20 विश्व कप 2024 के लिए भारतीय टीम में जगह बना पाए। हालांकि, क्रिकेट में आने की उनकी कहानी बेहद दिलचस्प रही है। वह शुरुआत में क्रिकेटर नहीं बनना चाहते थे, लेकिन आईपीएल 2008 यानी आईपीएल के पहले सीजन में एक दिग्गज की शतकीय पारी ने उन्हें क्रिकेट को अपना करियर और जीवन चुनने के लिए प्रेरित किया। 




दरअसल, सैमसन सिविल सेवा में जाना चाहते थे, लेकिन आठ अप्रैल 2008 को कोलकाता नाइट राइडर्स के ब्रैंडन मैकुलम की 73 गेंद में 158 रन की पारी देखकर उन्होंने क्रिकेट को ही अपना करियर बनाने का फैसला किया। दुबले पतले 14 साल के सैमसन ने जब केरल के शहर कोट्टयम में अपने होटल के कमरे में आईपीएल के पहले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैकुलम की पारी देखी तो उनके दिल में बस क्रिकेट बस गया। यहीं से उनके लिए सबकुछ हमेशा के लिए बदल गया।


केरल के पूर्व खिलाड़ी रायफी विन्सेंट गोमेज इस विकेटकीपर बल्लेबाज के करीबी मित्र हैं। उन्होंने बताया, ‘संजू हमेशा उस दिन को याद करते हैं, जिसने उन्हें एक बड़ा खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित किया था। पर सिर्फ सपने देखने से ही कोई भी शीर्ष पर नहीं पहुंच जाता। उसके लिए जमकर मेहनत करनी पड़ती है। सैमसन भी क्रिकेट के रास्ते पर चलने के लिए दृढ़ थे।


भारतीय महिला क्रिकेट टीम के पूर्व फील्डिंग कोच बीजू जॉर्ज केरल के इस खिलाड़ी के शुरूआती दिनों के मार्गदर्शक रहे। उन्होंने बताया- ‘बारिश हो या कड़ी धूप संजू और उसका भाई सली तिरुवनंतपुरम में मेडिकल कॉलेज मैदान में नेट पर होते थे। एक दिन यहां बहुत बारिश हो रही थी। मैंने सोचा संजू विजिंगजम में अपने घर से करीब 25 किलोमीटर दूर नेट पर नहीं आएगा, लेकिन वह वहां मौजूद थे।’


उन्होंन कहा, ‘वह अपनी क्रिकेट किट लेकर आए थे। उसमें उनकी स्कूल ड्रेस भी थी। वह ट्रेनिंग के बाद स्कूल जाते थे। उस उम्र में भी वह अपने करियर को लेकर सख्त थे।’ सैमसन के पिता विश्वनाथ दिल्ली पुलिस में फुटबॉल खिलाड़ी थे। उन्होंने अपने बेटे की इच्छा का पूरा समर्थन किया। सैमसन को अनुशासन शायद उनके पिता से ही मिला था। वह दिल्ली पुलिस टीम के साथ संजू और उसके भाई के लिए नेट की व्यवस्था करते। सैमसन को उनसे उम्र में बड़े खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खिलाते थे।


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