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रतलाम में स्थानीय नेताओं से चर्चा
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ मतदाताओं का सियासी मूड जानने निकला है। जो नौ मई यानी गुरुवार को मध्यप्रदेश के रतलाम-झाबुआ लोकसभा क्षेत्र में पहुंच गया है। इसमें हम आप तक लोकसभा क्षेत्र की असल तस्वीर सामने रखेंगे। शाम को स्थानीय नेताओं से उनके विचार जाने।
रतलाम-झाबुआ का सियासी समीकरण
रतलाम-झाबुआ लोकसभा क्षेत्र में 13 मई को मतदान होना है। यहां से कांग्रेस ने अपने दिग्गज नेता कांतिलाल भूरिया को मैदान में उतारा है तो भाजपा ने अनिता नागर सिंह चौहान पर दांव लगाया है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां से भाजपा के गुमान सिंह डामोर जीतकर चुने गए थे।
क्या बोले स्थानीय नेता
भाजपा भाजपा जिला कोषाध्यक्ष जयवंत कोठारी ने कहा कि पहले मैं तो बता दूं कि ये कांग्रेस का गढ़ नहीं है। पहले भी हम जीते हैं, आगे भी जीतेंगे। राहुल गांधी का आरक्षण वाला दांव नहीं चलेगा। सभा में बात करना अलग है, पर संसद में कहना अलग बात है। वो संसद में नहीं बोलते। भाजपा जो कहती है, वो करती है।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बसंत पंड्या का कहना है कि 2014 में मोदी लहर थी। उसी समय हुए उपचुनाव में रतलाम एकमात्र सीट थी, जहां से कांग्रेस जीतकर आई थी। परंपरागत रूप से ये कांग्रेस का गढ़ है। रतलाम शहर जरूर थोड़ा अलग है। हम अभी भी बढ़त बनाए हैं, हम बड़े अंतर से जीतेंगे। आरक्षण की बात करें तो ये पिछड़े समाज को आगे लाना है। आजादी के बाद से आरक्षण की व्यवस्था नहीं होती तो पिछड़े-दलित आगे नहीं बढ़ते। इसलिए हम उसकी बात करते हैं।
भाजपा नेता प्रभु नेका का कहना है कि जल-जंगल-जमीन पर अगर पहला किसी का अधिकार है तो आदिवासियों का है। हमारे कांग्रेसी भाई संविधान की बात कर रहे हैं, उन्हें याद दिला दूं कि भीमराव अंबेडकर, जिन्हें दो बार कांग्रेस ने हराने का प्रयास किया था। और संविधान को बदलने का प्रयास किसी ने किया तो कांग्रेस ने किया। अब उसी संविधान को बचाने की कांग्रेस बात करती है। ये वो पार्टी है जिन्होंने हमेशा आदिवासियों का हक छीना है। अल्पसंख्यकों का हक छीना। उनके शोषण के अलावा कोई काम नहीं किया। कांग्रेस आज तुष्टीकरण की बात करती है। 70 साल राज किया। जब सत्ता चली गई तो लुभावने वादे करने लगे।
रतलाम कांग्रेस प्रभारी मनोज उपाध्याय का कहना है कि पिछड़े, दलित अगर आज भी समान स्थिति में नहीं हैं तो उन्हें आरक्षण मिलेगा। जिसकी जितनी भागीदारी होगी, उसे उतना आरक्षण मिलेगा। जितने ओबीसी हैं, उनको उतना मिलेगा, जितने एसटी हैं, उनको उतना मिलेगा, जितने एससी है, उनको उतना मिलेगा। रही मुसलमानों की बात करें तो उनके घर तोड़े गए, जो आदमी दो करोड़ रोजगार देने की बात करता था, वो अब मुसलमानों की बात कर रहा है, धर्म की बात कर रहा है। मंगलसूत्र की बात करने लगे हैं। दस सालों में विकास की बात क्यों नहीं कर रहे।
हर दिन जानेंगे नई लोकसभा सीट का मिजाज
चुनावी यात्रा के दौरान अमर उजाला का यह चुनावी रथ हर रोज नई लोकसभा सीट पर जाएगा। इस दौरान उस लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से चाय पर चर्चा होगी। अनौपचारिक बातचीत में जनता के मुद्दों, उनकी समस्याओं पर चर्चा होगी। हम युवाओं के बीच जाएंगे, जहां उनकी समस्याओं और उम्मीदों पर चर्चा करेंगे। नए भारत के नए मतदाताओं की सपनों की उड़ान को पंख कैसे लगेंगे, इस पर भी चर्चा करेंगे।
इस विशेष कवरेज को आप यहां देख सकेंगे
amarujala.com, अमर उजाला के यूट्यूब चैनल और फेसबुक चैनल पर आप ‘सत्ता का संग्राम’ से जुड़े कार्यक्रम लाइव देख सकेंगे। ‘सता का संग्राम’ से जुड़ा व्यापक जमीनी कवरेज आप अमर उजाला अखबार में भी पढ़ सकेंगे।
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