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LS Polls 2024: बदहाली पर रो रहा है मुंबई उत्तर लोकसभा क्षेत्र, इस बार लोगों को पीयूष गोयल से बड़ी उम्मीदें

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LS Polls 2024: बदहाली पर रो रहा है मुंबई उत्तर लोकसभा क्षेत्र, इस बार लोगों को पीयूष गोयल से बड़ी उम्मीदें

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LS Polls 2024: Mumbai North Lok Sabha constituency this time people have big expectations from Piyush Goyal

ग्राउंड रिपोर्ट
– फोटो : Amar Ujala

विस्तार


जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तो मुंबई उत्तर लोकसभा क्षेत्र से गोविंद जैसे बड़े सिने स्टार और संजय निरुपम जैसे बड़े उत्तर भारतीय नेता यहां से सांसद हुआ करते थे। 2014 में जब सरकार बदली, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार में भारतीय जनता पार्टी से गोपाल शेट्टी लगातार दो बार मुंबई उत्तर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे। 

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेताओं में शुमार किए जाने वाले राम नाईक ने पांच बार इस लोकसभा क्षेत्र का संसद में प्रतिनिधित्व किया। 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने इस लोकसभा क्षेत्र में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को चुनावी मैदान में उतारा है। 

अमर उजाला डॉट कॉम ने मुंबई की इस हाई प्रोफाइल सीट पर पहुंच कर जब लोगों से बात की, तो उनके दर्द उभर आए। किसी ने इलाके में बड़े-बड़े नेताओं के किए गए वायदों के विपरीत बदहाल सड़कों की शिकायत की, तो कुछ लोगों ने इस इलाके में नशे के अवैध कारोबार को एक बड़ी समस्या बताई। अस्पताल और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाओं ने भी ये इलाका महरूम है। महिलाओं ने होने वाली छेड़खानी और गुंडागर्दी का दर्द बयां किया। 

शाम के साढ़े चार बज रहे थे और मुंबई के मलाड़ स्थित अंबुजवाड़ी इलाके में पीयूष गोयल की रथ यात्रा शुरू होनी थी। भाजपा नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ा हुआ था। यहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ता पीयूष गोयल के रथ में शामिल होने के लिए पहुंच चुके थे। इस दौरान लोगों से जब बात शुरू हुई, तो उन्होंने एक-एक कर इलाके की समस्याएं गिनानी शुरू कर दीं। भाजपा नेता सुरेंद्र कहते हैं कि इस इलाके में अवैध नशे की बिक्री बहुत बड़ी समस्या है। लेकिन यहां न तो पुलिस इस पर लगाम लगाती है, और न ही कोई अन्य जिम्मेदार संस्था। हालांकि उन्होंने अवैध नशे के कारोबार के लिए कांग्रेस के नेताओं को निशाने पर लिया। वह कहते हैं कि यह नेता मुस्लिम बस्तियों में वहां के युवाओं और नौजवानों को नशे के कारोबार में शामिल करते हैं। भाजपा नेता कहते हैं कि यहां पर कई नगर सेवक और विधायक कांग्रेस के हैं। यह झोपड़पट्टी का इलाका है। लेकिन यहां पर डेवलपमेंट के नाम पर कभी कुछ किया ही नहीं गया। उन्होंने कहा कि इलाके में कोई भी मेटरनिटी हॉस्पिटल तक नहीं है।

इलाके के योगेश वर्मा कहते हैं कि लोगों को सुविधाएं मिलनी चाहिए। लेकिन यह इलाका भी विकास से कोसों दूर है। वह कहते हैं कि भाजपा का मुद्दा हमेशा डेवलपमेंट का ही रहा है। जहां-जहां पर भाजपा के विधायक हैं, वह क्षेत्र बहुत ही ज्यादा विकसित है। यह पूछे जाने पर कि इस क्षेत्र से तो भारतीय जनता पार्टी के गोपाल शेट्टी दो बार से लगातार सांसद है, राज्य में आपकी सरकार है, तो विकास क्यों नहीं हुआ। इस सवाल पर योगेश कहते हैं कि सांसद होने के नाते जो विकास और कार्य किया जाना चाहिए वह हो रहा है। लेकिन जब तक स्थानीय विधायक विकास की बात नहीं करेगा, तब तक डेवलपमेंट कैसे हो सकेगा। इस इलाके की खाली जमीन को तो स्थानीय विधायकों ने माफियाओं को बांट दिया। जहां पर बच्चों के खेलने के ग्राउंड होने चाहिए, जहां पर पार्क होने चाहिए, वहां पर तो स्थानीय माफियाओं ने स्थानीय विधायक की शह पर कमर्शियल डेवलपमेंट कर लिया है।

भाजपा समर्थक जिग्नेश वर्मा कहते हैं कि इस इलाके में ड्रग्स का बड़ा कारोबार होता है। यहां के युवाओं को नशे के धंधे में उतार दिया गया है। इस इलाके में न तो सड़के हैं और न पानी की ज़रूरतें पूरी होती हैं। इस इलाके में भूमाफिया इतने हैं कि वह हर सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। इन जमीनों पर झोपड़ियां बना दी गई हैं और उन्हें फिर किराये पर उठा दिया गया है। यहां के निवासी नरेंद्र राठौड़ कहते हैं कि यह मलोणीं इलाका है। यहां के लोगों की समस्याएं आज तक दूर नहीं हो सकी हैं। हालांकि नरेंद्र राठौड़ भी समस्याओं के पीछे स्थानीय विधायक और नगरसेवकों को ही जिम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं यहां पर यातायात से लेकर सड़कों की सबसे बदहाल व्यवस्था है। 

इसी इलाके के रहने वाले प्रकाश गुप्ता कहते हैं कि इस इलाके के लोगों को पीयूष गोयल से बहुत उम्मीदें हैं। वह कहते हैं कि उनके इलाके की सड़कें बन जाएं, तो आने जाने में सहूलियत हो जाएगी। इसके अलावा प्रकाश कहते हैं कि इलाके में अस्पताल भी नहीं है। अस्पताल के साथ-साथ स्कूल के न होने पर वह बड़ी चिंता जताते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार जो भी सांसद होगा, वह कम से कम यहां पर एक स्कूल तो शुरू ही कर सकेगा। इसी इलाके के रहने वाले नजर मोहम्मद कहते हैं कि अभी जो मुस्लिम बस्तियों में नशे की बात की जा रही थी, वह तो उन्होंने न कभी देखी है न कभी सुनी है। रही बात विकास की, तो वह कहते हैं कि यहां सड़कों की ज्यादा जरूरत है। वह कहते हैं कि पिछले 15 सालों में उन्होंने कभी इस इलाके में सड़क बनते नहीं देखी है। वह नाराज होकर कहते हैं कि न तो सड़क बनी है और न आगे सड़क बन पाएगी। नजर मोहम्मद कहते हैं कोई भी नेता आ जाए सब एक जैसे ही होते हैं।

इस इलाके के रहने वाले विवेक सिंह कहते हैं कि 2015 में इसी इलाके में जहरीली शराब पीने से 106 लोगों की मौत हो गई थी। न जाने कितने लोग दिव्यांग हो गए थे। 9 साल बाद आज भी इस इलाके में इस तरह से अवैध नशे का कारोबार होता है। लेकिन पुलिस की अब तक इस मामले में नींद नहीं खुली है। आप इलाके में जाकर देखिए कि किस तरीके से खुलेआम नशे का कारोबार होता है। विवेक कहते हैं कि यह हमारे जनप्रतिनिधि के लिए भी बड़ी चुनौती है और सरकार के लिए भी। प्रशासन के लोग भूमाफियाओं के साथ मिलकर जमीनों का वारे न्यारा करते हैं। वह कहते हैं कि यहां पर जिस तरीके से काम किया जाता है आप उसकी घटिया क्वॉलिटी को देख सकते हैं। अभी हाल में ही इलाके के एक टॉयलेट में दो लोगों की मौत हो चुकी है। वह कहते हैं कि उन्हें उम्मीद है कि पीयूष गोयल जैसा बड़ा नेता यहां से चुनाव लड़ेगा, तो यहां के लोगों की भ्रष्टाचार की वजह से हो रही मौतो पर संसद मैं आवाज तो उठेगी। संभव है उस आवाज के बाद यहां के लोगों की जिंदगी बेहतर हो सकेगी।

इस इलाके में रविता रहती हैं, वह कहती हैं कि यहां पर गुंडागर्दी बहुत ज्यादा है। राह चलते छेड़खानी होती है। कोई कुछ करने वाला नहीं है। इस तरीके की घटनाओं के बीच यहां पर रात को सड़कों पर लाइट नहीं होती है। पुलिस प्रशासन से इस तरह की घटनाओं की शिकायत की जाती है, तो न तो कोई कार्यवाही होती है और न ही लफंगों पर कोई सख्ती बरती जाती है। कविता कहती हैं कि जब इतने बड़े नेता और देश के मंत्री चुनाव लड़ रहे हैं, तो वह उम्मीद करते हैं कि महिला सुरक्षा की बात करने वाली मोदी सरकार उनके लिए आगे आएगी। मलाड़ के रहने वाले इसरार खान कहते हैं कि इस इलाके में जो सड़क देख देख रहे हैं वह 2006 में बनी थी। उसके बाद जब यहां पर गटर का काम हुआ, तो सड़कें खोदी गईं। लेकिन फिर दोबारा कभी सड़क बन ही नहीं। वह कहते हैं कि उनकी मांग अपने पुराने सांसद से भी यही थी और नए संसद से भी यही होगी कि यहां पर नशा मुक्ति केंद्र बनाया जाए। उसके अलावा इस इलाके में स्कूल बनाया जाए। इलाके में स्ट्रीट लाइट न होने से छेड़खानी की घटनाएं आम हैं। इसलिए यहां पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाए।




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